कोच्चि: कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) परिसर में एक ओएनजीसी पोत की मरम्मत के दौरान उस पर विस्फोट हो जाने के बाद आग लगने से पांच लोगों की मौत हो गई. सीएसएल के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित अनुबंध पर काम करने वाले कामगार थे. तीन घायलों को यहां के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इन तीनों में से एक व्यक्ति 40 फीसदी जल गया है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है.

सीएसएल के प्रवक्ता ने पहले बताया था कि पोत के अंदर फंसे 11 लोगों को बाहर निकाला गया और शहर के अस्पतालों में ले जाया गया. शहर के पुलिस आयुक्त एम पी दिनेश ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद बताया कि पोत के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाल लिया गया और स्थिति नियंत्रण में है. बताया जा रहा है कि पोत के अगले हिस्से में पानी की एक टंकी में विस्फोट हुआ. इस पोत ने मरम्मत के लिए यार्ड में लंगर डाला था.

विस्फोट सुबह करीब दस बजे हुआ. उस समय पोत पर काम कर रहे लोग जलपान के अवकाश के लिए पोत से उतरने वाले थे. पुलिस को आशंका है कि धुआं अंदर चले जाने की वजह से कामगारों की मौत हुई. केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी, जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने विस्फोट में लोगों की जान जाने को लेकर दुख व्यक्त किया है.

उन्होंने ट्वीट किया "कोचीन शिपयार्ड में विस्फोट की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से स्तब्ध हूं. मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. मैंने कोचीन शिपयार्ड के एमडी से बात की और उनसे प्रभावितों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता मुहैया कराने के साथ संबद्ध एजेंसियों की मदद से तत्काल जांच कराने को कहा है."

 

केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने विस्फोट में मारे गए पांच व्यक्तियों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है. उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा है कि बचाव अभियान और घायलों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने के आदेश दे दिए गए हैं.