Odisha Train Accident: ओडिशा के बालासोर में हुए सदी के सबसे बड़े ट्रेन हादसे की जांच चल रही है. हादसे में साजिश का एंगल भी सामने आया है, इसका सच पता लगाने के लिए सीबीआई ने मोर्चा संभाल लिया है. वहीं, हादसे के बाद रेलवे को लेकर कई अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. ऐसा ही एक दावा कांग्रेस ने किया था कि शुक्रवार (2 जून) को हुए हादसे के बाद बड़ी संख्या में डर के मारे लोगों ने अपने ट्रेन टिकट कैंसल करा दिए. इसे लेकर रेलवे टिकट बुकिंग को मैनेज करने वाली आईआरसीटीसी (IRCTC) ने जवाब दिया है.
कांग्रेस नेता भक्तचरण दास ने एक दिन पहले सोमवार (5 जून) को दावा किया था कि ओडिशा हादसे के बाद रेलवे को लेकर लोगों में डर है, जिसके चलते हजारों लोगों ने अपने टिकट कैंसल करा दिया. उनका एक वीडियो कांग्रेस के ऑफिशियल हैंडल से ट्वीट किया गया, जिसमें वे कह रहे हैं कि बीते दिनों में ऐसी रेल दुर्घटना कभी नहीं हुई. सैकड़ों लोगों की जान चली गई और हजार से ज्यादा लोग घायल हैं. इस घटना ने सभी को दुख पहुंचाया है.
आईआरसीटीसी ने क्या कहा ?
उन्होंने आगे कहा, दुर्घटना के बाद हजारों लोगों ने अपने टिकट कैंसल कर दिए हैं. उन्हें लगता है कि ट्रेन में सफर सुरक्षित नहीं है. कांग्रेस के इसी वीडियो को शेयर करते हुए आईआरसीटीसी ने इसे गलत बताया है.
आईआरसीटीसी ने कहा, यह तथ्यात्मक रूप से गलत है. कैंसलेशन बढ़ा नहीं है. इसके उलट, 1 जून, 2013 को (हादसे के एक दिन पहले) कैंसलेशन 7.7 लाख से घटकर 3 जून, 2022 को 7.5 लाख पर पहुंच गया.
कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा
मंगलवार (6 जून) को कांग्रेस ने एक बार फिर हादसे को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस की सोशल मीडिया हेड सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, करीब 300 लोगों की जान चली गई है और आज भी इसका जवाब नहीं है कि इन मौतों का जिम्मेदार कौन है? रेल से इस देश का आम आदमी सफर करता है. कल जब हम-आप, आपका परिवार, देश के लोग रेल में बैठेंगे तो यह याद रखें कि आप यह सफर अपने रिस्क पर कर रहे हैं, सरकार की कोई जिम्म्मेदारी नहीं है.
उन्होंने आगे कहा, जब नैतिक ज़िम्मेदारी लेकर रेल मंत्री को इस्तीफ़ा देना चाहिए, तब ध्यान भटकाने के लिए नई-नई थ्योरी रची जा रही है. इस सरकार में जवाबदेही का 'ज' तक नहीं है.
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