CJP प्रोटेस्ट के बीच नवीन पटनायक का आया रिएक्शन, बोले - 'देश के युवाओं और छात्रों के साथ...'
Naveen Patnaik Remark: बीजू जनता दल प्रमुख और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शिक्षा व्यवस्था में भरोसे की कमी पर चिंता जताई है.

बीजू जनता दल (BJD) के प्रमुख और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा है कि शिक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा टूटता जा रहा है और देश भर के लाखों छात्रों को प्रभावित करने वाले इस गंभीर मुद्दे पर संसद के मानसून सत्र में सबसे पहले चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में आई इस भरोसे की कमी के लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए अपने पोस्ट में नवीन पटनायक ने कहा कि पेपर लीक, गलत मूल्यांकन और परीक्षा प्रणाली की खामियां दोबारा नहीं होनी चाहिए. उन्होंने सरकार से अपील की कि वह कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बातचीत शुरू करे और उन्हें अपनी बात रखने का अवसर दे. नवीन पटनायक ने कहा कि बीजू जनता दल देश के युवाओं और छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है. उन्होंने कहा कि दुनिया के हर विकसित देश की नींव एक मजबूत शिक्षा व्यवस्था और भरोसेमंद एग्जाम सिस्टम पर टिकी होती है. भारत ने भी अपनी मजबूत शिक्षा व्यवस्था के बल पर पिछले कई वर्षों में शानदार प्रगति की है.
लाखों बच्चों के लिए पढ़ाई ही बेहतर भविष्य-नवीन पटनायक
नवीन पटनायक ने कहा कि देश में लाखों बच्चों के लिए पढ़ाई ही बेहतर भविष्य का सबसे बड़ा और अक्सर एकमात्र रास्ता होती है. इसी शिक्षा व्यवस्था ने देश को उत्कृष्ट डॉक्टर, वैज्ञानिक, इंजीनियर, शिक्षक और नवाचार करने वाले लोग दिए हैं, जिन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. हालांकि उन्होंने कहा कि आज इस पूरी व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है. उनके अनुसार नुकसान सिर्फ एक परीक्षा के प्रभावित होने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरी शिक्षा व्यवस्था की नींव पर सवाल खड़े हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि जब परीक्षा प्रणाली पर भरोसा नहीं रहता, तो मेहनती और योग्य छात्रों को यह संदेश जाता है कि उनकी मेहनत का कोई महत्व नहीं है. इससे उन छात्रों के सपनों पर भी असर पड़ता है जो शिक्षा के माध्यम से गरीबी और कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलना चाहते हैं.
मॉनसून सत्र में चर्चा करने पर दिया जोर
नवीन पटनायक ने कहा कि जो देश अपनी एग्जाम सिस्टम की निष्पक्षता और विश्वसनीयता से समझौता करता है, वह अपने भविष्य से समझौता करता है. इस मुद्दे पर संसद के मॉनसून सत्र में गंभीर और विस्तृत चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि देश भर के लाखों छात्रों को प्रभावित करने वाले इस विषय को संसद में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए. संसद में इस पर व्यापक बहस होनी चाहिए ताकि ऐसे ठोस सुधार किए जा सकें, जिससे भविष्य में पेपर लीक, गलत मूल्यांकन और परीक्षा प्रणाली की अन्य खामियां दोबारा सामने न आएं. उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थिति के लिए जवाबदेही तय करना भी जरूरी है.
नवीन पटनायक ने सरकार से की अपील
नवीन पटनायक ने राजनीति से ऊपर उठकर सरकार से छात्रों के साथ सार्थक बातचीत शुरू करने की अपील की. उन्होंने कहा कि जो छात्र कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें अपनी बात रखने के लिए उचित मंच दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र संवाद से आगे बढ़ता है, चुप्पी से नहीं, और जब बात देश के युवाओं की हो तो संवाद और भी अधिक जरूरी हो जाता है. उन्होंने कहा कि भारत के युवा और छात्र देश के नेतृत्व से उम्मीदें लगाए बैठे हैं और उन्हें निराश नहीं किया जाना चाहिए. उनके अनुसार शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ खुले मन से बातचीत करने से लोकतंत्र, शिक्षा व्यवस्था और नेतृत्व पर लोगों का भरोसा फिर से मजबूत हो सकता है. नवीन पटनायक ने दोहराया कि बीजू जनता दल देश के छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है.
NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर इस्तीफे की मांग
इस बीच कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दल NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. अपनी मांगों को लेकर छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कांग्रेस ने भी पेपर लीक के खिलाफ अभियान शुरू किया है और 'छात्रों की गूंज' नाम से एक अभियान चला रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को देहरादून में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक हुए हैं. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में सरकार की विफलता पर सवाल उठाए और परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी उपाय अपनाने की बात कही.
ये भी पढें: TMC के बागी 20 सांसदों के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने PM मोदी से की मुलाकात, मॉनसून सत्र से पहले बवाल


















