Operation Sindoor: भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में बढ़े सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की तरफ से शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर और उसके जवाब में पाकिस्तान की भारत पर हमले की कोशिश ने वैश्विक मंच पर सुरक्षा की चिंता को और गहरा कर दिया है. इस बीच सोशल मीडिया पर नास्त्रेदमस और बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां वायरल हो रही हैं, जिनमें 2025 में तीसरे विश्व युद्ध की आशंका जताई गई है.

नास्त्रेदमस की चर्चित किताब "Les Prophéties" के हवाले से दावा किया जा रहा है कि 2025 में दुनिया एक ऐसे युद्ध की चपेट में आ सकती है, जो भयानक तबाही ला सकता है. इसमें लाखों लोग प्रभावित होंगे, वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा और मानवता एक गंभीर संकट से गुजर सकती है. हालांकि इस किताब में किसी विशेष देश का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन भारत-पाकिस्तान के हालिया संघर्ष ने इस भविष्यवाणी को नए सिरे से चर्चा में ला दिया है.

बाबा वेंगा के नाम से भी सोशल मीडिया पर कई भविष्यवाणियांदूसरी ओर बुल्गारिया की प्रसिद्ध भविष्यवक्ता बाबा वेंगा के नाम से भी सोशल मीडिया पर कई भविष्यवाणियां सामने आ रही हैं. कहा जा रहा है कि उन्होंने दशकों पहले ही दक्षिण एशिया के एक इस्लामिक देश की बर्बादी की बात की थी. जब भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत कार्रवाई की तो कई लोग बाबा वेंगा की भविष्यवाणी को सच मानने लगे.

भारत-पाक संघर्ष की कहानी22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी. इसके जवाब में भारत ने 6-7 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए. इन हमलों में 9 आतंकियों के अड्डे तबाह हुए और लगभग 100 से ज्यादा आतंकियों की मौत हुई.

पाकिस्तान ने इस हमले के बाद नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें लगभग 17 भारतीय नागरिकों की जान चली गई. इसके अलावा भारतीय सैनिकों और पुलिसकर्मियों ने भी अपनी जान गंवाई. जवाबी कार्रवाई में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 4 एयरबेस को निष्क्रिय कर दिया और उनका एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. आतंकवाद के खिलाफ कोई नरमी नहीं-भारतभारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति में कोई नरमी नहीं होगी. ऑपरेशन सिंदूर इसका उदाहरण है कि भारत अब केवल बचाव की नीति नहीं, बल्कि जवाबी रणनीति पर काम कर रहा है. पाकिस्तान की आंतरिक अस्थिरता, आर्थिक तंगी और अंतरराष्ट्रीय दबाव भी इस पूरे परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.