नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से पहले की अहम प्रक्रिया कैलिब्रेशन फ्लाइट टेस्ट गुरुवार (30 अक्टूबर 2025) को मौसम और कम रोशनी के कारण स्थगित कर दी गई. अब यदि शुक्रवार यानी 31 अक्टूबर को मौसम अनुकूल रहता है तो रनवे और तकनीकी उपकरणों की जांच के लिए यह टेस्ट किया जाएगा.

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एयरपोर्ट पर सुबह से ही धुंध और हल्के बादल छाए रहे, जिससे विजिबिलिटी कम रही और टेस्टिंग के लिए आवश्यक रोशनी नहीं मिल पाई. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह टेस्ट गुरुवार और शुक्रवार को दो-दो घंटे तक चलना था, जिसमें विमान के लैंडिंग और टेक-ऑफ के दौरान विभिन्न तकनीकी मानकों की जांच की जानी थी.

अंतिम चरण में है एयरपोर्ट का निर्माण कार्य

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जानकारी के अनुसार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्दी ही इसका उद्घाटन कर सकते हैं. उससे पहले डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) और एएआई (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की ओर से हवाई अड्डे के सभी सुरक्षा और तकनीकी मानकों की जांच की जा रही है. गुरुवार को प्रस्तावित कैलिब्रेशन फ्लाइट टेस्ट इसी प्रक्रिया का एक हिस्सा था, लेकिन प्रतिकूल मौसम के कारण इसे स्थगित करना पड़ा. अब उम्मीद जताई जा रही है कि शुक्रवार को यदि मौसम साफ रहा, तो सभी जरूरी टेस्ट पूरे किए जाएंगे.

परखे जाएंगे सुरक्षा और तकनीकी मानक

कैलिब्रेशन फ्लाइट टेस्ट का उद्देश्य एयरपोर्ट की सभी तकनीकी प्रणालियों जैसे रडार, नेविगेशन,और संचार उपकरण की सटीकता को जांचना है. इस प्रक्रिया के दौरान विमान बार-बार टेक-ऑफ और लैंडिंग कर यह सुनिश्चित करता है कि सभी सिस्टम सही ढंग से कार्य कर रहे हैं. जब यह टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा हो जाएगा, तब डीजीसीए एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस जारी करेगा. यह लाइसेंस मिलने के बाद ही एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों का संचालन संभव होगा. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए यह टेस्ट एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है. सफल परीक्षण के बाद देश के सबसे आधुनिक एयरपोर्ट्स में शामिल होने जा रहे इस प्रोजेक्ट के उद्घाटन का मार्ग प्रशस्त होगा.