कौन से 2 नेताओं को पसंद करते हैं नितिन गडकरी, खुद किया खुलासा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी हमेशा खुलकर बात करते हैं. इसी बार उन्होंने राजनीति को लेकर भी खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि भारतीय राजनीति में वो किन 2 नेताओं से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अपने अलग अंदाज के लिए जाने जाते हैं और हमेशा खुलकर बात करते हैं. इस बार उन्होंने राजनीति को लेकर भी खुलकर बात की है. नितिन गडकरी ने अपने संबोधन के दौरान अपने पसंदीदा 2 नेताओं का भी नाम बताया है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'दो नेताओं के बारे में मेरे दिल में आइकॉनिक स्थान है. इसमें एक हैं जॉर्ज फर्नांडिस साहब और दूसरे हैं अटल बिहारी वाजपेयी. दोनों का मुझे बहुत सानिध्य और प्रेम मिला.' उन्होंने बताया कि जब मैं मंत्री बना था तो जॉर्ज साहब मुंबई में मलबार हिल पर आते थे. मैं कहता था कि जॉर्ज साहब आपकी पार्टी में सब इतने बड़े नेता हैं, लेकिन किसी की किसी से जमती नहीं है.
जॉर्ज फर्नांडिस का जिक्र कर क्या कहा
गडकरी ने बताया कि मेरे इस सवाल पर जॉर्ज फर्नांडिस साहब ने कहा कि यही तो डेमोक्रेसी है. मैंने पूछा क्या झगड़ा करना डेमोक्रेसी है क्या? उस समय उन्होंने मुझे समझाया और मैं यह समझ गया हूं कि पॉलिटिक्स इज अ गेम ऑफ कंट्राडिक्शन कंपल्शन लिमिटेशंस. उन्होंने कहा कि यहां एक डिफरेंस बिटवीन स्ट्रेटजी एंड कन्विक्शन है और स्ट्रेटजी में पहली बात है कि चुनाव जीतना आना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा, "यह आज भी सच है कि आप जैसे जितने लोग विद्वान लोग बैठे हैं इनके भरोसे मैं एमपी नहीं बना हूं, क्योंकि चुनाव का दिन आपका होता है. आप बोलते हैं मैं अभी आता हूं. बाद में आता हूं, ऐसे आता हूं और फिर 5:00 बज जाते हैं और वोटिंग को नहीं आते और हमको मिलकर पूछते हैं इस देश का क्या होगा. अरे तुम काहे के लिए बोल रहे हो? अगर तुम वोटिंग भी नहीं करते हो तो तुम्हारी जरूरत क्या है? काहे के लिए हमारा समय खा रहे हो. तुम किसी को भी वोट दो."
'नेता सबसे बड़ी समस्या नहीं'
गडकरी ने आगे बताया कि सबसे बड़ा प्रॉब्लम जो लोकतंत्र की है, वह पॉलिटिकल पार्टी और नेता नहीं है. जनता यह बड़ी समस्या है. जब जनता शिक्षित बनेगी, सामाजिक, आर्थिक, शिक्षा जैसे मुद्दों पर अपना वोट सही व्यक्ति को जात, पंथ, धर्म, भाषा से ऊपर उठकर देकर देगी तो लोकतंत्र में बदलाव हो जाएगा.
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