केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जाति के आधार पर टिकट मांगने वालों पर तंज कसा. उन्होंने रविवार (27 सितंबर) को कहा कि ऐसे लोग काम को लेकर गारंटी नहीं देते हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग जाति के आधार पर टिकट मांगते हैं, वे अपने समुदाय के लिए कुछ नहीं करते. नागपुर में चर्मकार सेवा संघ की ओर से आयोजित एक छात्र सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा सांसद गडकरी ने कौशल हासिल करने पर जोर दिया.

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गडकरी ने कहा कि समाज की प्रगति शिक्षा पर निर्भर करती है. 'पीटीआई' के मुताबिक, उन्होंने कहा, 'अच्छी शिक्षा से रोजगार की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है और सामाजिक प्रगति हासिल की जा सकती है. लोगों को विभिन्न क्षेत्रों में सम्मान मिलता है और समुदाय मुख्यधारा का हिस्सा बनता है. इसलिए चर्मकार समुदाय को भी विकास के लिए शिक्षा और कौशल पर ध्यान देना चाहिए.'

जाति के आधार पर टिकट मांगने वालों को लेकर क्या बोले गडकरी

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नितिन गडकरी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई लोग जाति के आधार पर पार्टी टिकट मांगते हैं, लेकिन समुदाय के लिए कुछ नहीं करते. उन्होंने कहा, 'कई लोग मुझसे अपने समुदाय के लोगों को टिकट देने के लिए कहते हैं. वे कहते हैं कि हमें पार्षद, विधायक बना दीजिए. हालांकि, हमने जाति के आधार पर जिन लोगों को टिकट दिए, उनमें से किसी एक के भी बारे में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि उसने अपने समुदाय के कल्याण के लिए कुछ किया हो.'

'लोग पत्नी-बेटे के लिए मांगते हैं टिकट'

गडकरी ने परिवार के सदस्यों के लिए टिकट मांगने की प्रवृत्ति की ओर भी इशारा किया. उन्होंने कहा, 'टिकट मिलने के बाद वे कहते हैं कि मेरी पत्नी, बेटे, बेटी को टिकट दीजिए. अगर चौथा व्यक्ति हो तो अपने पीए के लिए भी टिकट मांगते हैं. हम उम्मीद करते हैं कि जिसे चुनाव का टिकट मिले, वह समुदाय के विकास के लिए काम करेगा. लेकिन, अपने 40 से 50 साल के अनुभव से मैंने यह महसूस किया है कि इसका कोई फायदा नहीं है.'

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