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अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के नए मेयर जोहरान ममदानी ने हाल ही में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद उमर खालिद को पत्र लिखा था. उमर खालिद जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के पूर्व छात्र हैं और उन्हें साल 2020 में गिरफ्तार किया गया था. ममदानी के उमर को पत्र लिखने के मामले पर विश्व हिंदू परिसद के नेता विनोद बंसल ने आपत्ति दर्ज की है. उन्होंने कहा कि जब मंदिरों पर हमले होते हैं तो ममदानी क्यों कुछ नहीं बोलते हैं, जबकि वे खुद को मूल रूप से भारत का बताते हैं.

ममदानी के साथ-साथ कुछ अमेरिकी सांसदों ने भी उमर खालिद को पत्र लिखा है. इस मामले पर विश्व हिंदू परिषद के नेता विनोद बंसल ने कहा, 'इनको सबसे पहले अमेरिका के बारे में बोलना चाहिए, वहां हो रहे नस्लीय भेदभाव पर बोलना चाहिए. जब हमारे मंदिरों पर हमले होते हैं तब यह कुछ क्यों नहीं बोलते.'

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बांग्लादेशी हिंदुओं का जिक्र कर क्या बोले विनोद बंसल

उन्होंने बांग्लादेश का का जिक्र करते हुए कहा, 'जब पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हमला होता है तब यह कुछ नहीं बोलते हैं. ममदानी कहते हैं कि वे भारतीय मूल के हैं, लेकिन पता नहीं उनका कैसा मूल है. उमर खालिद, शरजील इमाम जैसे आतंकियों को बचाने के लिए यह आगे आ रहे हैं.'

ममदानी ने उमर खालिद को पत्र में क्या लिखा

बता दें कि ममदानी ने तिहाड़ जेल में बंद पूर्व जेएनयू छात्र उमर खालिद को एक पत्र लिखा है, जो सोशल मीडिया पर उसी दिन जारी हुआ जब ममदानी ने मेयर के रूप में शपथ ली. पत्र में ममदानी ने उमर और उनके परिवार से मुलाकात का जिक्र करते हुए उनकी स्थिति पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि वे अक्सर खालिद की कही बातों को याद करते हैं और उनके माता-पिता से मिलना उनके लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा.