नई दिल्ली: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं. कर्नाटक चुनाव के नतीजों के बाद से लगातार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ रहे हैं. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 86 रुपये के करीब पहुंच गई है. सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर अभी तक आश्वासन से ज्यादा कुछ नहीं मिला है.

ऐसे में अगर आपसे कोई कि भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार और मालदीव में पेट्रोल सस्ता है तो शायद आपको यकीन ना हो. लेकिन यही सच्चाई है. इतना ही नहीं पड़ोसी देशों में सस्ते पेट्रोल ने देश के सीमावर्ती इलाकों में तस्करी को भी बढ़ावा दिया है.

पड़ोसी देशों में किस भाव में है पेट्रोल? भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में 50.67 रुपये, बांग्लादेश में 68.47 रुपये, श्रीलंका में 49.67 रुपये, नेपाल में 66.99 रुपये, भूटान में 56.63 रुपये, म्यांमार 43.82 रुपये, मालद्वीव 41.40 रुपये में एक लीटर पेट्रोल मिलता है.

7 में 6 पड़ोसी भारत से खरीदते हैं पेट्रोल पाकिस्तान को छोड़कर बाकी छहों देशों में भारत पेट्रोल निर्यात करता है यानी इन देशों में पेट्रोल-डीजल भारत से ही जाता है. वहां टैक्स कम है तो पेट्रोल-डीजल सस्ता है. भारत में एक लीटर पेट्रोल पर करीब 40 रुपये सिर्फ एक्साइज़ ड्यूटी और वैट के रूप में टैक्स देना पड़ता है.

देश के सीमावर्ती इलाकों में पेट्रोल की तस्करी भारत में एक्साइज़ ड्यूटी के कारण पेट्रोल की कीमत 78 से 86 रुपये तक पहुंच गई हैं. इसकी वजह से देश के सीमावर्ती इलाकों में पेट्रोल और डीजल की तस्करी का धंधा भी चल निकला है. असम के सीमावर्ती इलाकों के लोग भूटान से पेट्रोल-डीजल ले आते हैं क्योंकि भूटान में पेट्रोल सस्ता है. यहां प्रति लीटर कमाई 20 रुपये की हो जाती है.

बिहार और यूपी के सीमावर्ती इलाकों में भी तस्करी बिहार के रक्सौल और सीतामढ़ी और यूपी के बहराइज जिलों के सीमावर्ती इलाकों की सीमाएं नेपाल से सटती हैं. नेपाल बॉर्डर पर पेट्रोल की तस्करी का खेल खुले आम हो रहा है. नेपाल के पेट्रोल पंप पर सुबह से ही डिब्बे और केन के साथ भारी भीड़ लग जाती है. चप्पे चप्पे पर एसएसबी तैनात है लेकिन अधिकारियों की ढिलाई और तस्करों के जोश ने पेट्रोल-डीजल की तस्करी को धंधा बना दिया है.

बेरोजगारी दे रही तस्करी को बढ़ावा नेपाल में भारत से पेट्रोल 15 रुपए तो डीजल करीब 18 रुपए सस्ता है. हर शख्स इन दिनों पेट्रोल के आसरे जेब गर्म कर लेना चाहता है. सीतामढ़ी, रक्सौल और बहराइच तीनों जगह बेरोजगारी चरम पर है. इन इलाकों में युवाओं के पास काम नहीं है और साक्षरता दर देश के औसत से नीचे है. सहदेवा, महदेवा, अहिरवा, टोला, पंटोका, सिसवा, मटिअरवा, महुआवा, कौरेया जैसे तमाम इलाकों से रात रात भर पेट्रोल डिजल की आवाजाही होती है.

पेट्रोल पंप मालिकों का धंधा चौपट एक ओर जहां लोगों ने तस्करी को ही धंधा बना लिया है वहीं बॉर्डर पर बने पेट्रोल पंप को जमकर चूना लग रहा है. पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि नेपाल में सस्सा पेट्रोल मिल रहा है, इसलिए उनके यहां कोई आता ही नहीं है. सीमावर्ती इलाके के पेट्रोल पंप मालिकों का धंधा चौपट कर दिया है.