NEET पेपर लीक के आरोपी अब उगलेंगे राज? राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 7 दिनों की CBI कस्टडी में भेजा
NEET UG 2026 Paper Leak: सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि जांच के दौरान व्हाट्सएप और टेलीग्राम चैट से ऐसे सबूत बरामद हुए हैं, जिनमें वही सवाल मौजूद हैं, जो नीट परीक्षा में पूछे गए थे.

NEET UG परीक्षा 2026 में हुई धांधली मामले में गिरफ्तार 5 आरोपियों को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 7 दिनों की CBI कस्टडी में भेजा है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इससे पहले NEET-UG 2026 परीक्षा से संबंधित पेपर लीक मामले में पिछले 24 घंटों में देश भर में 14 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया.
पहले की कर दिए थे 100 सवाल लीक: CBI
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सीबीआई को यह निर्देश दिया कि आरोपियों को एफआईआर की कॉपी उपलब्ध कराई जाए और गिरफ्तारी के आधार स्पष्ट रूप से बताएं. केंद्रीय जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि जांच के दौरान व्हाट्सएप और टेलीग्राम चैट से ऐसे सबूत बरामद हुए हैं, जिनमें वही सवाल मौजूद हैं, जो नीट परीक्षा में पूछे गए थे. जांच एजेंसी के अनुसार, करीब 100 सवाल पहले ही लीक कर दिए गए थे और आरोपियों द्वारा प्रश्नपत्र के साथ आंसर की भी उपलब्ध कराई गई थी, ताकि सही जवाबों की जानकारी दी जा सके.
सीबीआई ने कोर्ट को क्या बताया?
सीबीआई ने दलील दी कि यह एक बड़ी साजिश है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका है, इसका पता लगाना जरूरी है. एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि इस पूरे नेटवर्क में संभावित रूप से पब्लिक सर्वेंट, सरकारी कर्मचारी और प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े लोगों की संलिप्तता की जांच करनी है, जिसके लिए आरोपियों की कस्टडी आवश्यक है. जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्न लीक किए थे, ताकि अभ्यर्थियों को बेहतर अंक मिल सकें और उन्हें जयपुर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने में मदद मिल सके.
टेलीग्राम के जरिए पेपर भेजे गए थे: CBI
सीबीआई ने कोर्ट को यह भी बताया कि आरोपी यश यादव को टेलीग्राम के जरिए पेपर भेजे गए थे, जबकि शुभम ने उसे प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था. यश यादव का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है, जिससे कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं. सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील ने सीबीआई की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि गिरफ्तारी अवैध है और गिरफ्तारी के समय आरोपियों को ग्राउंड ऑफ अरेस्ट नहीं बताया गया.
CBI की विशेष टीमों द्वारा 12 मई 2026 से चलाए जा रहे अभियान के तहत पिछले 24 घंटों में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. जिनमें मनीषा वाघमारे को पुणे से और धनंजय लोखंडा को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से गिरफ्तार किया गया. कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.
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