NEET पेपर लीक मामले में ताबड़तोड़ एक्शन, प्रोफेसर कुलकर्णी के अलावा CBI के निशाने पर कौन-कौन?
NEET Paper Leak Case: आरोपी मनीषा मंधारे नीट यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थीं और उन्हें NTA ने विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया था. ऐसे में बायोलॉजी के प्रश्न पत्रों तक उनकी पूरी पहुंच थी.

- सीबीआई ने नीट यूजी 2026 परीक्षा लीक में एक लेक्चरार को गिरफ्तार किया।
- आरोपी महिला को एनईईटी परीक्षा प्रक्रिया में विशेषज्ञ नियुक्त किया गया था।
- वह प्रोफेसरों और कोचिंग सेंटरों से जुड़े रैकेट की कड़ियां जोड़ रही है।
- सीबीआई ने देशभर में 6 जगहों पर छापेमारी कर दस्तावेज जब्त किए।
NEET UG 2026 Exam Paper Leak: केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने शनिवार (16 मई, 2026) को नीट यूजी 2026 परीक्षा के बायोलॉजी के पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की है. बताया जा रहा है कि सीबीआई ने इस मामले में जिस महिला आरोपी मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया है, वो पेशे से बायोलॉजी विषय की लेक्चरार है. इसी के साथ इस मामले में अब कुल गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है.
जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने इस मामले में महाराष्ट्र के पुणे की वरिष्ठ वनस्पति विज्ञान शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे से गहन पूछताछ के बाद उन्हें दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया है. वह नीट यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थीं और उन्हें NTA की तरफ से विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया गया था. ऐसे में वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान के प्रश्न पत्रों तक उनकी पूरी पहुंच थी.
रैकेट की सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी सीबीआई
सीबीआई इस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. जिसके तार अब सीधे प्रोफेसरों और कोचिंग सेंटरों से जुड़ते जा रहे हैं. सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल 2026 के दौरान मनीषा मंधारे पुणे की मनीषा वागमारे, जिन्हें 14 मई, 2026 को पहले ही इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है, के माध्यम से NEET परीक्षा के संभावित उम्मीदवारों को संगठित किया और अपने पुणे स्थित आवास पर इन छात्रों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित कीं.
इन कक्षाओं के दौरान उन्होंने वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान विषयों के विभिन्न प्रश्नों को समझाया और छात्रों को उन्हें अपनी नोटबुक में लिखने और पाठ्यपुस्तकों में चिह्नित करने के लिए कहा. इनमें से अधिकांश प्रश्न 3 मई, 2026 को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा के वास्तविक प्रश्न पत्र से मेल खाते थे.
24 घंटे में देश भर में 6 ठिकानों पर CBI की छापेमारी
पिछले 24 घंटों में, सीबीआई ने देश भर में 6 स्थानों पर छापेमारी अभियान चलाया और कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए. जब्त की गई वस्तुओं का विस्तृत विश्लेषण जारी है.
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शिक्षा मंत्रालय की शिकायत के बाद सीबीआई की कार्रवाई शुरू
उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने NEET-UG 2026 परीक्षा के कथित प्रश्न पत्र लीक के संबंध में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से दी गई लिखित शिकायत के आधार पर 12 मई, 2026 को यह मामला दर्ज किया था. मामला दर्ज होने के तुरंत बाद, विशेष टीमें गठित की गईं और देश भर में विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाए गए और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई.
अब तक मामले में कुल 9 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें से 5 आरोपियों को पहले ही अदालत में पेश किया जा चुका है और विस्तृत पूछताछ के लिए 7 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. कल शुक्रवार (15 मई, 2026) को गिरफ्तार किए गए अन्य 2 आरोपियों को पुणे की अदालत में पेश किया गया और ट्रांजिट रिमांड के बाद दिल्ली भेज दिया गया. उन्हें दिल्ली की अदालत में पेश किया जा रहा है.
सीबीआई गहनता से कर रही मामले की जांच
इस मामल में विशेष टीमों की जांच जारी है और अब तक की जांच में केमेस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्न पत्रों के लीक होने के असली स्रोत के साथ-साथ उन बिचौलियों का भी पता चला है, जो उन छात्रों को जुटाने में शामिल थे, जिन्होंने NEET UG-2026 परीक्षा में आने वाले प्रश्नों को पढ़ाने और उन पर चर्चा करने के लिए विशेष कोचिंग कक्षाओं में लाखों रुपये का भुगतान किया था.
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