नई दिल्ली: पाकिस्तान के अधिकारियों से मुलाकात के मुद्दे पर मनमोहन सिंह पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणी को लेकर राज्यसभा में शुक्रवार को विपक्ष ने जबर्दस्त विरोध किया. इसके बावजूद एनडीए ने आज साफ कर दिया कि वह नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाये जाने का उचित जवाब देगा. इसके साथ ही संसद में सरकार के कामकाज को आगे बढ़ाने का पूरा प्रयास करेगा.

एनडीए की हुई बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार को बिना सूचित किए पाकिस्तान के अधिकारियों के साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत अपने नेताओं की बैठक को लेकर कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए. बीजेपी ने कहा कि देश यह जानना चाहता है कि पहले कांग्रेस के तब के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने चीन के राजदूत से मुलाकात की और उसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के कुछ नेता पाकिस्तान के अधिकारियों के साथ बैठक करते हैं. इस तरह से गुपचुप बैठक का क्या औचित्य था?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले संसद भवन परिसर में कहा कि देश को आगे बढ़ाने की दिशा में सत्र का उपयोग सकारात्‍मक रूप से हो.  मैं भी आशा करता हूं, कि सदन का सत्र सकारात्‍मक रूप से चलेगा, देश लाभान्वित होगा, लोकतंत्र मजबूत होगा, सामान्‍य मानव की आशा, आकांक्षाओं को पूरा करने में एक नया विश्‍वास पैदा होगा. इसके बाद भी, राज्यसभा में आज पहले ही दिन गुजरात चुनाव के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ की गयी टिप्पणी सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण बैठक को तीन बार के स्थगित किया गया. इसके बाद दोपहर करीब तीन बजे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया.

विपक्षी सदस्य पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से माफी मांगने की मांग कर रहे थे. बहरहाल, सूत्रों ने बताया कि एनडीए की बैठक में एनडीए के सभी दल एकजुट थे और सभी ने संसद में कामकाज को आगे बढ़ाने की बात कही. प्रधानमंत्री ने सभी दलों से संसद के दोनों सदनों में सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा.

बैठक में मौजूद एक नेता ने कहा कि बैठक में प्रधानमंत्री ने संसद में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान करने संबंधी विधेयक, तीन तलाक से जुड़ा विधेयक और कई दूसरे महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया. प्रधानमंत्री ने देश की आर्थिक प्रगति का भी उल्लेख किया और आईएमएफ और विभिन्न रेटिंग एजेंसियों की ओर से देश की अर्थव्यवस्था की अच्छी तस्वीर पेश करने का जिक्र किया. बैठक में जीएसटी और दूसरे सुधार पहल का सकारात्मक उल्लेख किया.