लोकसभा में एनसीपीआई नेता सुदीप बंदोपाध्याय (कोलकाता उत्तर) ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से अलग हुए 20 सांसदों में से 19 की सूची दी है, जिन्होंने 18 मई को लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय को अपने नाम भेजे थे. बता दें कि इनमें काकोली घोष दस्तीदार (बारासात) शताब्दी रॉय (बीरभूम) बापी हलदर (मथुरापुर (एससी)) डॉ. शर्मिला सरकार (बर्धमान पुरबा) शामिल हैं.

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इसके अलावा प्रसून बंद्योपाध्याय (हावड़ा), जगदीश बर्मा बसुनिया (कूचबिहार), असित कुमार मल (बोलपुर ),अरूप चक्रवर्ती (बांकुरा), रचना बनर्जी (हुगली) का भी नाम शामिल हैं. महुआ मोइत्रा की करीबी नेता सयोनी घोष (जादवपुर), खलीलुर रहमान (जंगीपुर), अबू ताहेर खान (मुर्शिदाबाद), यूसुफ पठान (बहरामपुर), मिताली बाग (आरामबाग (एससी)) माला रॉय (कोलकाता दक्षिण), कालीपाड़ा सोरेन (झारग्राम (एसटी), दीपक अधिकारी (घाटल), जून मालिया (मेदिनीपुर), पार्थ भौमिक (बैरकपुर) शामिल हैं.

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बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मंगलवार को नई दिल्ली में टीएमसी के बागी सांसदों से मुलाकात करेंगे. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ये सभी सांसद नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हो गए थे. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की इन सांसदों से मुलाकात उस वक्त होने वाली है, जब टीएमसी एंटी-डिफेक्शन लॉ के तहत उन्हें अयोग्य ठहराने की कोशिश कर रही है.

अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र ऐसे में सीएम के साथ ये बैठक खास तब हो जाती है, जब टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखने के ठीक एक दिन बाद हो रही है. अभिषेक बनर्जी ने सांसदों के खिलाफ पार्टी की डिसक्वालिफिकेशन पिटीशन को जल्द से जल्द निपटाने की अपील की थी. 

बागी सांसदों को डिसक्वालिफाई करने की मांगस्पीकर ने बागी सांसदों के लोकसभा में अलग बैठने का इंतजाम पहले ही कर दिया है. इससे पहले अभिषेक बनर्जी, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी के साथ स्पीकर ओम बिरला ने मुलाकात की थी और सभी बागी सांसदों को तुरंत डिसक्वालिफाई करने की मांग की गई थी.

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