देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मंगलवार (19 मई, 2026) को कहा कि युवा प्रदर्शन करें लेकिन उसके लिए उन्हें सड़कों पर उतरकर दूसरों के लिए परेशानी पैदा नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सभी देशवासियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है. 

Continues below advertisement

सीजेआई सूर्यकांत ने उस वक्त यह टिप्पणी की जब वह महाराष्ट्र सरकार के नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलने के प्रस्ताव पर केंद्र को समयबद्ध निर्णय लेने का निर्देश देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहे थे. इस मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों पर सीजेआई सूर्यकांत ने यह बात कही है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है.

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'शांतिपूर्ण और कानून के तहत विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार सभी को है, लेकिन सड़कों पर उतरकर आम आदमी के लिए परेशानी खड़ी मत कीजिए.' महाराष्ट्र सरकार ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलकर ‘लोकनेता डी बी पाटिल नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा’ रखने का प्रस्ताव पेश किया था. 

Continues below advertisement

यह भी पढ़ें:- Stray Dogs Case Verdict: 'बीमार और खतरनाक कुत्तों को मारने पर हो विचार', आवारा कुत्तों के मामले में SC का आदेश

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने याचिकाकर्ता संगठन 'प्रकाशजोत सामाजिक संस्था' के वकील से कहा, 'यह नीति निर्माण में हस्तक्षेप करने के समान होगा.' बेंच ने कहा कि वह बंबई हाईकोर्ट के नवंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने की इच्छुक नहीं है, जिसमें याचिका खारिज कर दी गई थी.

यह भी पढ़ें:- नोएडा मजदूर हिंसक प्रदर्शन के आरोपियों की हुई पेशी, SC ने जमानत पर आदेश देने से किया इनकार, कहा- जाएं कहीं और...

बेंच ने याचिकाकर्ता को सक्षम प्राधिकार के समक्ष मामले को आगे बढ़ाने की स्वतंत्रता दी. कोर्ट ने इस पर कहा, 'क्या यह तय करना कोर्ट का काम है कि किसी हवाई अड्डे का नाम क्या होना चाहिए?' कोर्ट ने यह भी कहा, 'राज्य सरकार को इस मामले को आगे बढ़ाने दीजिए. लोकतांत्रिक व्यवस्था में आपको कुछ अधिकार प्राप्त हैं और आप उनका इस्तेमाल कर सकते हैं. यह बात आप भली-भांति जानते हैं.'