नेशनल हैंडलूम डे के अवसर पर 7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) की कमलादेवी कॉम्प्लेक्स आर्ट गैलरी में तीन दिवसीय साड़ी शस्त्र' (Saree Shastra) नामक एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. शिखाज कारीगरी की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्देश्य भारत की समृद्ध हैंडलूम विरासत, कारीगरों के कौशल और सांस्कृतिक विरासत को सम्मानित करना है. इस प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खड़से ने किया. इस अवसर पर आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (IASOWA) की अध्यक्षा हेमा सोभनाथन और इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के डायरेक्टर के. एन. श्रीवास्तव भी मौजूद रहे.
'साड़ी महिला सशक्तिकरण और गौरव का प्रतीक'
केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खड़से ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा, 'साड़ी का हर एक परिधान महिलाओं के संघर्ष, समानता, सशक्तिकरण, गरिमा और गौरव की कहानी बयां करता है.' उन्होंने कहा कि भारत की विविध कलाओं और परंपराओं का जश्न मनाना 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के दृष्टिकोण को मजबूत करता है और हमें स्वदेशी एवं आत्मनिर्भर परंपराओं को बढ़ावा देना चाहिए. 7 अगस्त से 9 अगस्त 2026 तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का क्यूरेशन कला इतिहासकार आदित्य के. झा द्वारा किया गया है.
प्रमुख हस्तियां होंगी शामिल
प्रदर्शनी में देश के अलग-अलग हिस्सों से हाथ से बुनी, हैंड-पेंटेड, कढ़ाईदार और GI-टैग प्राप्त टैक्सटाइल कलाकृतियों को शामिल किया गया है. तीन दिनों के दौरान क्यूरेटर-लेड गैलरी वॉक, लाइव हैंड-पेंटिंग प्रदर्शन, कारीगरों से बातचीत और विशेष पैनल चर्चाओं का आयोजन किया जाएगा. 8 अगस्त को शाम 6 बजे पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. करण सिंह, आईएएस मुग्धा सिन्हा (प्रबंध निदेशक, ITDC) और आईएएस वंदना प्रेयसी (संयुक्त सचिव, उर्वरक विभाग) इसमें शामिल होंगी.
'शिखाज कारीगरी' की संस्थापक शिखा अजमेरा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मंच केवल ब्रांड के प्रदर्शन का नहीं, बल्कि देश के उन अनगिनत बुनकरों और कारीगरों की मेहनत और कला को श्रद्धांजलि देने का प्रयास है, जिन्होंने भारत को टेक्सटाइल हेरिटेज के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाई है. यह आयोजन कपड़ा टेक्सटाइल मिनिस्ट्री के राष्ट्रीय जूट बोर्ड के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है.
