बदल गए वंदे मातरम और जन-गण-मन के नियम, कहां, कब और कैसे गाएं? जानें सब
National Anthem-National Song Rule: राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर सरकार की ओर से नए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. आइए जानते हैं राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के नियम क्या हैं.

राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर सरकार की ओर से नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. निर्देशों के मुताबिक सरकारी कार्यक्रमों से लेकर स्कूल और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में 6 छंदों वाला पूरा राष्ट्रगीत बजाया जाएगा. राष्ट्रगान जन गण मन की तरह ही राष्ट्रगीत का भी खड़े होकर सावधान मुद्रा में सम्मान करना होगा. थिएटर्स में फिल्मों के दौरान यह निर्देश लागू नहीं होंगे. चलिए आइए जानते हैं राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के नियम क्या हैं.
राष्ट्रगान के क्या हैं नियम?
भारत का राष्ट्रगान जन गण मन है. यह राष्ट्र के सम्मान का प्रतीक है. इसकी रचना मूल रूप से बंगाली में रवींद्र नाथ टैगोर के द्वारा की गई थी. राष्ट्रगान को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं, जिनके तहत ही इसको गाया जाता है. अगर कोई इनके विपरीत जाकर राष्ट्रगान गाता है तो इसे अपमान माना जाता है. राष्ट्रगान के अपमान को लेकर सजा का भी प्रावधान है. इसको गाने की समयावधि भी तय है. आइए जानते हैं इसके बारे में.
- राष्ट्रगान का समय 52 सेकंड का है.
- राष्ट्रगान के समय लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना चाहिए.
- राष्ट्रगान के समय शोर-गुल या अन्य संगीत की आवाज नहीं होनी चाहिए.
कब बजाया जाएगा?
- राष्ट्रपति या राज्यपाल/उपराज्यपालों को राष्ट्रीय सलामी के समय.
- परेड और औपचारिक राजकीय/केंद्र शासित प्रदेश समारोह में.
- राष्ट्रपति के भाषण से पहले और बाद में.
- रेजिमेंटल ध्वज प्रस्तुत करते समय.
- खेल समारोह में.
- राजनयिक स्वागत समारोह में, अतिथि राष्ट्र का राष्ट्रगान पहले होगा.
राष्ट्रगीत कब बजेगा?
- राष्ट्रगीत को गाने का समय 190 सेकंड (3 मिनट 10 सेकंड) है.
- तिरंगे का फहराना
- राष्ट्रपति के राष्ट्र को संबोधित करने से पहले और बाद में.
- औपचारिक राजकीय समारोहों में राज्यपालों/उपराज्यपालों का आगमन और प्रस्थान में.
- जब राष्ट्रीय ध्वज परेड में लाया जाता है.
- नागरिक अलंकरण समारोह में.
राष्ट्रगीत के नियम?
- दर्शकों को सावधान मुद्रा में खड़ा होना चाहिए.
- सामूहिक गायन को प्रोत्साहित किया जाता है.
- यदि राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत एक ही कार्यक्रम में बजाए जाने हों, तो राष्ट्रगान पहले बजाया जाएगा.
जुर्माने और सजा का प्रावधानृ
राष्ट्रगान या भारतीय झंडे का अपमान करना दंडनीय अपराध है. दोषी को तीन साल की सजा और जुर्माना दोनों हो सकते हैं. Prevention of Insults to National Honor Act, 1971 के तहत राष्ट्रगान को जानबूझकर रोकने पर भी 3 साल की सजा और जुर्माना दोनों हो सकते हैं.
Source: IOCL























