Schemes For Poor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी अगले महीने अपनी सरकार की नौवीं सालगिरह मनाने के लिए तैयार है. अब चुनावी साल में मोदी सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों तक पहुंचाने और उनके बारे में बताने पर ध्यान केंद्रित करने में लगी है. इसके साथ ही गरीबों के लिए योजनाओं की दूसरी सीरीज भी शुरू करने की योजना है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सरकारी सूत्रों ने कहा है कि गरीबों की योजनाओं की दूसरी सीरीज रेखांकित करती है कि कैसे कल्याणकारी उपायों के सकारात्मक प्रभाव के जरिए लोगों ने लाभ पाया है. उन्होंने बताया कि उन योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिन्होंने देश भर में बड़ी संख्या में लोगों के जीवन को छुआ है, उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाया है.

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना

इसी तरह की एक योजना में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना भी है. साल 2024 में लोकसभा चुनाव अभियान के लिए खाका तैयार करने और सत्तारूढ़ बीजेपी ने मुकाबले के लिए कमर कसते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पर ध्यान केंद्रित करने में लगी है. बीजेपी का मानना है कि इस योजना ने न सिर्फ करोड़ों महिलाओं को लाभ दिया है बल्कि उन्हें धुएं के बिना सुरक्षित ईंधन देकर उन्हें कई बीमारियों से भी रोका है.

सूत्रों ने कहा कि अब उन्हें जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं है, जिससे उनका काफी समय भी बचता है. इस समय का इस्तेमाल वे खुद पर और लाभकारी रोजगार के लिए कर सकती हैं.

स्वच्छ शौचालय

इसी तरह देश भर में बने करोड़ों शौचालयों ने न सिर्फ स्वच्छता को बढ़ावा दिया है बल्कि गंदगी से होने वाली कई बीमारियों से भी निजात दिलाई है. इसके बारे में सूत्र ने कहा, "शौचालयों के निर्माण के कारण स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है. आज गरीबों के घर में शौचालय होने का मतलब है कि उनके लिए एक सम्मानित जीवन सुनिश्चित हो गया है और उनमें आत्म-सम्मान की नई भावना आ गई है."

नल से जल

इसके अलावा, सूत्र ने कहा कि 'नल से जल' (पानी कनेक्शन प्रदान करना) योजना के तहत, यह पहली बार है कि करोड़ों परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया गया है. महत्वपूर्ण रूप से, इसने महिलाओं को दूर की जगहों से पानी लाने की रोज होने वाली परेशानी से स्थायी रूप से छुटकारा दिलाया है.

वहीं दूसरे सूत्र ने कहा, "अब, महिलाओं के पास बहुत समय बचा है, जिसका वे बेहतर उपयोग कर रही हैं. दूषित पानी से होने वाली कई बीमारियों को रोका गया है. अब हर साल लाखों बच्चों की जान बचाई जा रही है. साथ ही, अधिक संख्या में बच्चे स्कूल जा रहे हैं."

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