कर्नाटक के मैसुरु से डॉक्टर पर हमले की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. उदयगिरी इलाके में बच्चों की क्लिनिक चलाने वाले डॉ. अनूप पर मरीज के परिजनों ने कथित तौर पर हमला कर दिया. यह घटना उस समय हुई जब शरीफ नाम का एक व्यक्ति अपने बच्चे को दिखाने के लिए क्लिनिक पहुंचा था.

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जानकारी के अनुसार, डॉ. अनूप ने शरीफ से क्लिनिक में प्रवेश करने से पहले चप्पल बाहर उतारने को कहा. इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई. शरीफ ने आरोप लगाया कि डॉक्टर खुद चप्पल पहनकर क्लिनिक में बैठे हैं और दूसरों को नियमों का पाठ पढ़ा रहे हैं. इस पर डॉ. अनूप ने स्पष्ट किया कि वे जिस चप्पल का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह केवल क्लिनिक के अंदर उपयोग के लिए हैं और बाहर की चप्पलों को स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से अंदर आने की अनुमति नहीं दी जाती.

डॉ. अनूप को सीढ़ियों से धक्का दे दिया

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बहस बढ़ने के बाद डॉ. अनूप शरीफ और उसके पिता को बाहर इस्तेमाल की जाने वाली चप्पल दिखाने के लिए क्लिनिक से बाहर ले गए. इसी दौरान फिर से विवाद हुआ और आरोप है कि शरीफ ने डॉ. अनूप को सीढ़ियों से धक्का दे दिया. गनीमत रही कि डॉक्टर को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन इसके बाद शरीफ और उसके पिता ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की. घटना के बाद डॉक्टर की शिकायत पर उदयगिरी पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है. हालांकि, खबर लिखे जाने तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. 

स्वास्थ्यकर्मी पर हमला  सामाजिक अपराध

भारत में डॉक्टर या किसी भी स्वास्थ्यकर्मी पर हमला न सिर्फ सामाजिक अपराध है, बल्कि कानून की नजर में यह अत्यंत गंभीर दंडनीय अपराध माना जाता है. मरीजों की जान बचाने वाले डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर भारतीय कानून में सख्त प्रावधान किए गए हैं. अगर किसी डॉक्टर की हत्या कर दी जाती है या जान से मारने की नीयत से हमला किया जाता है, तो दोषियों को कठोर से कठोर सजा दी जा सकती है.

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