TTD Priests on Hunger Strike: आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में पवित्र तिरुमाला पहाड़ियों के मार्ग अलीपीरी के पास मुमताज होटल के निर्माण के विरोध में साधुओं ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) प्रशासनिक भवन के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है. आंध्र प्रदेश साधु परिषद के अध्यक्ष श्रीनिवासनंद सरस्वती स्वामी के नेतृत्व में ये साधु होटल निर्माण को तुरंत रोकने की मांग कर रहे हैं.
प्रदर्शनकारियों का मानना है कि ‘मुमताज होटल’ का निर्माण तिरुमाला पहाड़ियों और श्री वेंकटेश्वर मंदिर की पवित्रता के लिए खतरा है. अलीपीरी क्षेत्र भगवान वेंकटेश्वर मंदिर का प्रवेश द्वार है, जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है. हिंदू चैतन्य समिति और अन्य हिंदू संगठनों के सदस्यों ने भी तातानगर स्थित नगर विकास कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. साधु-संतों और समिति के सदस्यों ने तख्तियां लेकर और शंख बजाकर अपनी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने मांग की कि होटल के निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए.
नहीं रुका निर्माण तो जमकर होगा प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे श्रीनिवासनंद स्वामी ने कहा है कि यदि होटल का निर्माण कार्य नहीं रुका तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. प्रदर्शनकारियों के निशाने पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण भी हैं, जिनकी सरकार की ओर से इस होटल निर्माण को अभी तक नहीं रोका गया है. जहां प्रदर्शनकारी अपनी मांगें पूरी होने तक पीछे हटने से इनकार कर रहे हैं तो वहीं प्रशासन ने अभी तक उनकी मांगों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है.
होटल मालिक को 20 एकड़ जमीन आवंटित
टीटीडी ने भी एक प्रस्ताव पारित करते हुए आंध्र प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि मंदिर के पास दी गई 20 एकड़ जमीन के आवंटन को तत्काल रद्द किया जाए. टीटीडी बोर्ड ने प्रस्ताव में उल्लेख किया है कि मंदिर के आसपास की जमीन का उपयोग केवल धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए किया जाना चाहिए. मुमताज होटल को आवंटित भूमि मूल रूप से तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की ओर से एक पर्यटन परियोजना देवलोकम के लिए आवंटित की गई थी. हालांकि, पिछली वाईएस जगन मोहन रेड्डी सरकार ने आवंटन को बदलकर मुमताज नामक होटल को दे दिया.
टीटीडी के अध्यक्ष ने राज्य सरकार से की मांग
दुबारा चंद्रबाबू किंडरगार्टन आने के बाद नवनियुक्त टीटीडी के अध्यक्ष बीआर नायडू के नेतृत्व में बोर्ड ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि मुमताज होटल के लिए आवंटित भूमि को रद्द कर टीटीडी को सौंप दिया जाए, ताकि मंदिर की पवित्रता और भक्तों की भावनाओं की रक्षा की जा सके. हालांकि, इन सब के बीच होटल का निर्माण कार्य जारी है, जिस से प्रदर्शनकारी उग्र है .
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