मुंबई: छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाले एक फुट ओवरब्रिज के गिरने के एक दिन बाद BMC ने पहली कार्रवाई की है. चीफ इंजीनियर (पुल) एसओ कोरी और डिप्टी चीफ इंजीनियर आरबी तारे की जांच रिपोर्ट के आधार पर चीफ इंजीनियर एआर पाटिल और एसिस्टेंट इंजीनियर एस एफ ककुलते को सस्पेंड कर दिया गया है. साथ ही जांच में ब्रिज जर्जर नहीं है रिपोर्ट देने वाली कंपनी जेडी देसाई कंसल्टेंट को ब्लैक लिस्ट करने पर जोड़ दिया गया है.

इससे पहले बीएमसी ने पुल को ढहाने का फैसला किया. हादसे में छह लोगों की मौत हो गई है और 31 अन्य घायल हो गए. बीएमसी आयुक्त अजॉय मेहता की अध्यक्षता वाली बैठक में शुक्रवार को सुबह यह भी फैसला लिया गया कि महानगरपालिका के मुख्य इंजीनियर (सतर्कता) फुट ओवरब्रिज के गिरने के कारणों की जांच करेंगे.

वार्ड अधिकारी किरन दिगवाकर ने बताया कि फुट ओवरब्रिज को गिराने का काम शुरू हो गया है और इस काम के लिए क्रेन तथा गैस कटर भी एकत्रित कर लिए हैं.

इससे पहले बीएमसी के अधिकारी ने बताया कि जब रायगढ़ जिले के महाड में मानसून की बारिश में सावित्री नदी पर बने ब्रिटिश काल के पुल के ढहने के तुरंत बाद अगस्त 2016 में फुट ओवरब्रिज का ऑडिट किया गया था तो यह सुरक्षित पाया गया था.

तस्वीरों में देखें कितना भयानक था मुंबई ब्रिज हादसा, रेड सिग्नल की वजह से बच गई कई लोगों की जान

अधिकारी ने शुक्रवार की सुबह बताया, ‘‘ऑडिट के दौरान 354 पुलों की ढांचागत जांच की गई. जो फुट ओवरब्रिज बृहस्पतिवार को गिरा उसे सी2बी श्रेणी में रखा गया था. इसका मतलब है कि केवल मामूली मरम्मत की जरुरत है. मरम्मत के काम के लिए निविदाएं निकाली गई लेकिन यह रुक गई.’’

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने शुक्रवार को सुबह घटनास्थल का दौरा करने के बाद मेहता को इस हादसे के लिए शाम तक ‘‘प्राथमिक जिम्मेदारी’’ तय करने के लिए कहा.