भारतीय रेलवे ने अपने नेटवर्क का विस्तार करते हुए 1 नवंबर को बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे कनेक्टिविटी के लिए गेम चेंजर बताया. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के शहर बेंगलुरु से बेहतर रेल कनेक्टिविटी की दिशा में एक और कदम. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बेंगलुरु और मुंबई के बीच कनेक्टिविटी के लिए एक गेम चेंजर साबित होगी. इस ट्रेन की शुरुआत से कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र तीनों राज्यों को सीधा फायदा होगा. खासतौर पर युवाओं, आईटी प्रोफेशनल्स और छात्रों के लिए यह यात्रा बहुत आसान, आरामदायक और सुविधाजनक साबित होगी.'

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इससे पहले रेल मंत्रालय ने एक्स पोस्ट में बताया कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. रेलवे ने कहा कि यह सेवा लंबी दूरी की रेल यात्रा में यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं और बेहतर अनुभव प्रदान करेगी.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को घोषणा की थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के बुलेट ट्रेन नेटवर्क के नॉर्दर्न कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के शुभारंभ के दौरान उन्होंने बताया कि यह कॉरिडोर दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी को जोड़ते हुए आगे गुवाहाटी तक जाएगा.

रेल मंत्री ने कहा कि यह परियोजना पूरी होने के बाद यात्रा समय में भारी कमी आएगी. प्रस्तावित समय के मुताबिक दिल्ली से आगरा 59 मिनट, दिल्ली से कानपुर 1 घंटा 45 मिनट, दिल्ली से लखनऊ 2 घंटे 12 मिनट, दिल्ली से वाराणसी 3 घंटे 33 मिनट और लखनऊ से वाराणसी मात्र 1 घंटा 21 मिनट में पहुंचा जा सकेगा.

अश्विनी वैष्णव ने विपक्ष के उन आरोपों को भी खारिज किया कि बुलेट ट्रेन केवल संपन्न वर्ग के लिए होगी. उन्होंने कहा कि यह धारणा गलत है और बुलेट ट्रेन का किराया हवाई यात्रा की तुलना में काफी कम और आम लोगों की पहुंच के भीतर होगा. उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य देश में तेज, आधुनिक और सुलभ परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें.