लखनऊ: पूर्व सांसद अफजाल अंसारी ने आरोप लगाया है कि उनके भाई मुख्तार अंसारी का सरकारी मशीनरी के दवाब में ठीक से इलाज नहीं हुआ है. पिछले दिनों बीएसपी के विधायक मुख्तार अंसारी को दिल का दौरा पड़ा था.

अफजाल अंसारी ने आरोप लगाया कि बीते नौ जनवरी को बीएसपी विधायक मुख्तार को बांदा जेल में ही दिल का दौरा पड़ने के बाद लखनऊ स्थित संजय गांधी हॉस्पिटल (एसजीपीजीआई) में भर्ती कराया गया था. जांच में उन्हें दिल का दौरा पड़ने की बात सामने आयी थी. डाक्टरों ने उन्हें 72 घंटे तक निगरानी में रखने की बात कही थी, लेकिन जल्दबाजी में सिर्फ 40 घंटे के अंदर ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी.

पूर्व एसपी सांसद ने कहा कि 11 जनवरी को जल्दबाजी में बिना समुचित दवा-इलाज किये, मुख्तार को अस्पताल से छुट्टी देकर सड़क मार्ग से बांदा जेल भेज दिया गया. उन्होंने कहा कि उनके पास पुख्ता सबूत है कि सरकारी मशीनरी के दबाव के कारण मुख्तार का एसजीपीजीआई में ठीक ढंग से इलाज नहीं किया गया.

अफजाल ने राज्य सरकार पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि माफिया ब्रजेश सिंह वाराणसी का रहने वाला है. उसे वाराणसी की ही जेल में रखा गया है. वहीं, मुख्तार को गम्भीर बीमारी के बावजूद 400 किलोमीटर दूर बांदा जेल भेजा गया है, जबकि बांदा में उनके खिलाफ कोई मुकदमा भी नहीं है. उन्होंने कहा कि मुख्तार पर मऊ, गाजीपुर, लखनऊ और आगरा में मुकदमे चल रहे हैं. लिहाजा उनकी सरकार से मांग है कि उनके भाई को इन्हीं जिलों या फिर ऐसी जगह की जेल में रखा जाए, जहां किसी आपात स्थिति में उन्हें आसानी से इलाज मिल सके.

गौरतलब है कि मऊ से बीएसपी विधायक मुख्तार अंसारी को गत नौ जनवरी को दिल का दौरा पड़ने के बाद एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था, जहां से कल उन्हें छुट्टी दे दी गयी. वह बांदा जेल पहुंच गये हैं.