नई दिल्ली: मानसून की धीमी रफ्तार ने अनेक राज्यों में बारिश का इंतजार लंबा कर दिया है. इस कारण जून के महीने में अभी तक 39 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग के 84 फीसदी उप-क्षेत्र में कम बारिश हुई है. केन्द्रीय जल आयोग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार देश के 91 बड़े जलाशयों में से 80 प्रतिशत में पानी सामान्य से कम है. 11 जलाशय बिल्कुल सूख गए हैं और इसमें पानी का भंडारण शून्य है. इससे देश में पानी की भीषण कमी का पता चलता है. पिछले चार दिनों में मानसून ने पकड़ी है रफ्तार

बता दें कि देश में मानसून की बारिश एक जून से शुरू 30 सितंबर तक होती. लेकिन 22 जून तक बारिश की मानसून की रफ्तार सुस्त रही है. हालांकि, पिछले चार दिनों में मानसून ने रफ्तार पकड़ी है और दस राज्यों में इस कारण बारिश हुई है. अभी तक ओडिशा और लक्षद्वीप में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है. जम्मू-कश्मीर और पूर्वी राजस्थान में ज्यादा बारिश दर्ज की गई है जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में ‘बहुत ज्यादा बारिश’ दर्ज की गई है.

महाराष्ट्र के जलाशयों में पानी नहीं

भारत मौसम विज्ञान विभाग के चार क्षेत्र हैं. पूर्व और उत्तर पूर्व, दक्षिणी प्रायद्वीप, मध्य भारत और उत्तर पश्चिम भारत. पूर्व और उत्तर पूर्व संभाग में पूर्वोत्तर के राज्य, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल आते हैं. इन सभी क्षेत्रों में कम बारिश हुई है. मध्य भारत के 10 उप-क्षेत्रों में से सिर्फ ओडिशा में सामान्य बारिश हुई है. महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र सहित चार उप-क्षेत्रों में बेहद कम बारिश हुई है. इन क्षेत्रों के जलाशयों में भंडारण बिल्कुल निचले स्तर पर पहुंचने के कारण यहां सूखे जैसी स्थिति है. पूर्वी मध्य प्रदेश उप-क्षेत्रों में भी बेहद कम वर्षा दर्ज हुई है.

गुजरात, सौराष्ट्र में भी कम बारिश

मध्य भारत के गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ उपसंभागों में भी कम वर्षा दर्ज की गई है. हालांकि चक्रवात 'वायु' ने जरूर बारिश की कमी से कुछ राहत दिलायी है. इन दो उप-क्षेत्रों में नौ जून तक बारिश की कमी 100 प्रतिशत तक थी. दक्षिणी प्रायद्वीप संभाग के 10 में से 8 क्षेत्रों में बेहद कम बारिश दर्ज की गई. इन दो संभागों में अंडमान और निकोबार द्वीप संभाग में अतिरिक्त बारिश जबकि लक्षद्वीप में सामान्य बारिश दर्ज की गई.

विदर्भ और मराठवाड़ा में हो सकती है बारिश

भीषण जल संकट से जूझ रहे चेन्नई, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल उप-क्षेत्रों में करीब 38 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई. हालांकि, स्थिति में थोड़ा सुधार दिख रहा है. मौसम विभाग ने रविवार को कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, मराठवाड़ा और विदर्भ के अधिकतर हिस्सों में मानसून आगे बढ़ा है.

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