नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में विपक्ष सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगा. लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल है. विपक्षी दल चाहते हैं कि इस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाए. हम विपक्ष के सभी दलों के साथ रणनीति तय कर अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे. खड़गे ने ये भी कहा कि विपक्ष सदन चलाने में सरकार का पूरा सहयोग करेगा. उन्होंने ये भी बताया कि सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों को लेकर विपक्ष ने साझा रणनिति बनाई है. उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष को लोगों के मुद्दे उठाने के पूरा मौका मिलेगा.

खड़गे ने कहा कि "कहा जाता कि विपक्ष सदन नहीं चलने देता. प्रधानमंत्री भी यही कहते हैं. जिसको काफी प्रचार मिलता है. लेकिन सच्चाई ये है कि जब हम लोगों के मुद्दों को उठाने की कोशिश करते है तो उससे बचने के लिए वो अलग अलग तरीके अपनाते हैं. संदेश ये जाता है कि विपक्ष ने व्यवधान किया. लोकसभा/राज्यसभा टीवी भी हमें नहीं दिखाता". हम संविधान के तहत हम सदन को चलाना चाहते हैं.

सोमवार को हुई विपक्ष की बैठक के बारे में बताते हुए खड़गे ने कहा कि विपक्ष की बैठक में 12 पार्टियों के नेता आए. सबकी राय है कि सत्र के दौरान साझा मुद्दे उठाए जाएंगे. पिछले चार सालों में सरकार हर मोर्चे पर विफल हो चुकी है. ये अपने घोषणापत्र को पूरा नहीं कर पाए. खड़गे विस्तार से विपक्ष के मुद्दों के बारे में बताया, जिनको लेकर सरकार को घेरा जाएगा.

इन मुद्दों पर विपक्ष करेगा सरकार को घेरने की कोशिश

1. मॉब लिंचिंग: खड़गे ने कहा कि भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा यानी मॉब लिंचिंग, खास कर गौ रक्षा के नाम पर हो रही हिंसा और ऐसे आरोपियों से केंद्रीय मंत्रियों की मुलाकात जैसे मामलों पर हम चर्चा चाहते हैं. यानी जयंत सिन्हा, गिरिराज सिंह को लेकर विपक्ष सरकार को घेरेगी. इस मुद्दे पर आनंद शर्मा ने राज्य सभा में काम-रोको प्रस्ताव दिया हुआ है.

2. नौकरी: खड़गे ने कहा कि हम जानना चाहते हैं कि चार सालों में कितनी नौकरियां मिली?कितना निवेश आया?

3. महिला सुरक्षा: खड़गे ने आरोप लगाया कि देश में हर जगह महिलाओं, बच्चों पर अत्याचार हो रहा है. बलात्कार की घटनाएं हो रही है.दुनिया में संदेश जा रहा है कि भारत महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है. थॉमस राइटर का सर्वे भी यही बताता है. विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगेगा.

4. जम्मू कश्मीर: जम्मू कश्मीर के खराब हालात पर भी विपक्ष चर्चा की मांग करेगा.

5. दलित: विपक्ष SC/ST कानून का मुद्दा उठाएगा. खड़गे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पहले के SC/ST एक्ट को फिर से रिस्टोर करने के लिए हम चर्चा चाहते हैं.

6. आरक्षण: खड़गे के मुताबिक सरकार ने बड़े-बड़े शिक्षण संस्थानों में आरक्षण खत्म करने का आदेश निकाला है. एक एक वैकेंसी निकाल रहे हैं जिससे आरक्षण लागू ना हो. इस मुद्दे ओर हमारी लड़ाई जारी रहेगी.

7. किसान: खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री MSP का ढिंढोरा पीट रहे हैं. हम इसकी कमियां हम बताएंगे.

8. अहमदाबाद डिस्ट्रिक्ट कोपरेटिव बैंक: इसके जरिए विपक्ष अमित शाह को घेरने की कोशिश करेगा. दरसअल नोटबन्दी के 5 दिनों में 750 करोड़ के पुराने नोट इस बैंक में जमा हुए थे. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह इस बैंक के डाइरेक्ट हैं. खड़गे ने कहा कि हम ये मुद्दा उठाएंगे, साथ ही हम नोटबन्दी से हुए नुकसान पर सरकार का जवाब चाहते हैं.

9. मंहगाई: विपक्ष मंहगाई ओर भी सरकार से सवाल पूछेगा. खड़गे ने कहा कि जरूरी चीजों के दाम बढ़ रहे हैं. पेट्रोल-डीजल लगातार मंहगा हो रहा है.

10. काला धन: खड़गे ने कहा कि स्विस बैंक में काला धन 50% बढ़ गया. जबकि चुनाव में मोदी विदेशों में जमा काला धन देश में लाने की बात करते थे. हम पूछेंगे की उस वादे का क्या हुआ?

11. नियुक्तियों में नियमों का उल्लंघन: खड़गे ने आरोप लगाया कि स्वायत्त संस्थानों में हो रही नियुक्तियों में नियमों का उल्लंघन हो रहा है. विपक्ष इस पर भी चर्चा की मांग करेगा.

12. विदेश नीति: खड़गे के मुताबिक सरकार की विदेश नीति पूरी तरह फेल हो गई है. इस पर सरकार को जवाबतलब किया जाएगा.

13. रुपया: विपक्ष रुपए की गिरावट का मुद्दा भी उठाएगा. खड़गे ने कहा कि रुपया निचले स्तर पर है. इस पर हम चर्चा चाहते हैं.

14. आंध्रप्रदेश के मुद्दा: इसके साथ ही खड़गे ने कहा कि आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य के दर्जे के मुद्दे पर भी हम चर्चा चाहते हैं. इसको लेकर टीडीपी पहले से आक्रामक है. उसने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस भी दे दिया है.

15. EVM: वहीं राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सत्र के दौरान EVM में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि उपचुनाव में बात सामने आई कि EVM को गर्मी लग गई है. अगर उपचुनाव में ये हाल है तो आम चुनाव में क्या होगा?

उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि आज मीडिया स्वतंत्र नहीं है. सरकारी चैनलों पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए आजाद ने कहा कि सदन में किसानों, रोजगार, दलितों आदि के मुद्दे उठाने पर सरकारी चैनलों पर जगह नहीं मिलती. ये बेहद चिंता की बात है.

महिला आरक्षण/तीन तलाक: इस पर पूछे गए सवाल पर आजाद ने कहा कि सरकार सभी समुदायों की महिलाओं के हक के लिए महिला आरक्षण बिल नहीं ला रही लेकिन कुछ समुदाय के पति-पत्नी के बीच झगड़ा करवाने की कोशिश कर रही है.

डिप्टी चेयरमैन: वहीं राज्यसभा में उपसभापति को लेकर आजाद ने कहा कि प्रावधान है कि जल्द चुनाव हो, लेकिन बीजेपी के लिए जल्द का मतलब क्या है, ये पता नहीं! इस मुद्दे पर सर्वसहमति के लिए सरकार ने हमसे कोई संपर्क नहीं किया है.

सत्र के दौरान विपक्ष और खास तौर पर कांग्रेस की रणनीति बताने के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने मीडिया प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने निशाना साधते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री और बीजेपी द्वारा नफरत का जहर घोला जा रहा है ताकि सरकार की नाकामयाबियों पर पर्दा डाला जा सके.