Monkey Attack on US Mine Sweeper: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से ईरान के स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के भीतर बारूदी सुरंग हटाने के मिशन पर भेजे गए नौसेना के सैनिक माइंस्वीपर पर बंदर ने हमला किया है. यह अजीबोगरीब घटना सामने आई है. वह मीडिल ईस्ट की ओर जा रहा था. लेकिन थाइलैंड के फुकेत में रुकने के दौरान एक बंदर ने हमला कर दिया. 

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घटना के बाद नाविक को यूएसएस चीफ के बेस पर ले जाया गया. जापान के सासेबो में उनको भर्ती किया गया है. अमेरिका की सेना ने कहा है कि यूएसएस चीफ मिशन में किसी तरह की देरी नहीं हुई है. नाविक भी ठीक था. नौसेना पर हुए इस हमले ने बता दिया है कि कभी-कभी सैन्य मिशनों पर अप्रत्याशित घटना का सामना करना पड़ता है. इनका अनुमान लगाना मुश्किल होता है. 

थाइलैंड के इन बंदरों की दुनियाभर में रहती है चर्चादरअसल, थाइलैंड यहां के अपने मैकॉक बंदरों के लिए बदनाम है. यह सड़कों पर घूमते रहते हैं. रहगीरों से खाना और अन्य खाने पीने की चीजें चुरा लेते हैं. कई मामलों में यह मुठभेड़ जानलेवा भी हो जाती है. मैकॉक बंदर में हर्पस बी वायरस होते हैं. 

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हॉर्मुज पर ईरान और अमेरिका के बीच तकरार

दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है. सीजफायर के शांति वार्ता भी विफल रही थी. दोनों ही पक्षों ने अपनी नाकेबंदी कर रखी है. साथ ही अमेरिकी नौसेना से ट्रंप ने आदेश में कहा है कि वह हॉर्मुज में बारूदी सुरंगे बिछाने वाली किसी नाव पर गोली चला सकती हैं.  अभी तो दोनों देशों के बीच सीजफायर बना हुआ है. तनाव 28 फरवरी 2026 को शुरु हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान पर हमला कर दिया था. इसमें वहां के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई थी.

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