दिल्ली: वित्तीय वर्ष 2017-18 की छठी दो महीने की मौद्रिक नीति समीक्षा (मॉनिटरी रिव्यू) के लिये रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की दो दिनों की बैठक आज खत्म होगी. बैठक के बाद रिजर्व बैंक अपना समीक्षा का ब्योरा आज दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर जारी करेगा.
माना जा रहा है कि गवर्नर उर्जित पटेल की अगुवाई वाली समिति नीतिगत दरों (इंट्रेस्ट रेट) में कोई बदलाव नहीं करेगी. वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों में बिकवाली के दौर के बीच शेयर होल्डर्स को बैठक के नतीजों का इंतजार है. दिसंबर की मौद्रिक समीक्षा में एमपीसी (मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी) ने नीतिगत दरों में बदलाव नहीं किया था.
दिसंबर में खुदरा मुद्रास्फीति (रिटेल इंफ्लेशन) रिज़र्व बैंक के संतोषजनक स्तर से ऊपर यानी 5.21 प्रतिशत पर पहुंच गई. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति नवंबर, 2017 में 4.88 प्रतिशत और दिसंबर, 2015 में 3.41 प्रतिशत पर थी. अगस्त में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में चौथाई प्रतिशत की कटौती की थी जिससे यह छह साल के निचले स्तर 6 प्रतिशत पर आ गई थी.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम चढ़ रहे हैं और मुद्रास्फीति (इंफ्लेशन) के ऊपर की ओर बने रहने के आसार हैं. साथ ही सरकार ने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी- मिनिमम सपोर्ट प्राइस) बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया है. ऐसे में बैंकरों और विशेषज्ञों का मानना है कि रिजर्व बैंक लगातार तीसरी बार नीतिगत दरो में बदलाव नहीं करेगा.
इसके अलावा 31 मार्च को समाप्त होने वाली चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से भी रिजर्व बैंक पर वृद्धि को प्रोत्साहन के लिए ब्याज दरें (इंट्रेस्ट रेट) घटाने का दबाव कम रहेगा.