राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में आयोजित कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया को भारत की जरूरत है, क्योंकि भारत ही सबको साथ लेकर आगे बढ़ने की सोच रखता है. उन्होंने गुरुवार (4 जून) कहा कि भारत के पास संस्कृति, ज्ञान और ताकत होने के बावजूद हमने हजार साल की गुलामी झेली, क्योंकि हम अपनी कुछ अच्छी बातों और तैयारियों को संभाल नहीं पाए. मोहन भागवत ने तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर कहा कि युद्ध अमेरिका और ईरान के बीच हो रहा है, लेकिन तेल की कीमतें भारत में बढ़ रही हैं.
मोहन भागवत ने कहा, 'संस्कृति, सभ्यता, ज्ञान-विज्ञान होने के बाद भी यह परिस्थिति क्यों आई कि हमने 1000 वर्षों की गुलामी झेली. हमने हजार वर्ष गुलामी झेली, जिन्होंने हमें गुलाम बनाया, वे कोई हमसे श्रेष्ठ नहीं थे. संख्या में भी वे हमसे अधिक नहीं थे. बहुत दूर से आकर उन्होंने हमको जीता. किसी मामले में वे हमसे बेहतर नहीं थे, हमसे बदतर ही थे. कुछ बातें हमारी थीं, जिन्हें हमने संभालकर नहीं रखा; हम उन्हें भूल गए. हमने अपनी तैयारी को खो दिया. उस तैयारी को हमें फिर से करना पड़ेगा.'
मोहन भागवत ने अमेरिका को लेकर कसा तंज
उन्होंने कहा, 'हम देखते हैं कि बल सम्पन्न देश मनमानी करते हैं. चाहे तो किसी देश को हथिया लो, चाहे तो किसी देश पर बम मार दो या दुनिया के तेल की सप्लाई बंद कर दो. भारत के बारे में यह विचार बने कि वह शक्ति सम्पन्न होकर ऐसा नहीं करेगा बल्कि सबको साथ लेकर चलेगा.
मोहन भागवत ने कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग के समापन को लेक कहा, 'संघ के शताब्दी वर्ष के दो तिहाई कालखंड के बीच यह कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग सम्पन्न हो रहा है. इस बीच समाज जीवन के संपर्क अभियान का बहुत अच्छा अनुभव हो रहा है. भारत का भविष्य जिस कंधे पर है, वह हिन्दू समाज संगठित हो रहा है और जागृत हो रहा है.'
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