CBI, NIA समेत 5 केंद्रीय एजेंसियों में अब 7 साल का डेप्यूटेशन, गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला
सीबीआई, एनआईए और एनएसजी समेत 5 केंद्रीय एजेंसियों में गृह मंत्रालय ने सीएपीएफ व असम राइफल्स के कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की अवधि बढ़ा दी है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीबीआई, एनआईए और एनएसजी समेत 5 केंद्रीय एजेंसियों में सीएपीएफ व असम राइफल्स के कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की अवधि बढ़ा दी है. अब इन एजेंसियों में प्रतिनियुक्ति पर आने वाले कार्मिक 5 साल की बजाए 7 साल तक तैनात रहेंगे. बाकी 2 एजेंसियों में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) शामिल हैं.
केंद्रीय गृह मंत्रालय में पुलिस 2 प्रभाग कार्मिक-नीति अनुभाग की तरफ से जारी आदेश में यह जानकारी दी गई है. पहले एनएसजी द्वारा गृह मंत्रालय से अपील की गई थी कि केंद्रीय एजेंसियों में प्रतिनियुक्ति पर आने वाले कार्मिकों के कार्यकाल की अवधि 5 साल से बढ़ाकर 7 साल कर दी जाए. उसके बाद सीबीआई की ओर से भी मई में गृह मंत्रालय से ऐसा ही अनुरोध किया गया कि सीएपीएफ व असम राइफल के कार्मिकों की प्रतिनियुक्ति 7 साल तक बढ़ा दी जाए.
इस मामले को लेकर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों सीएपीएफ और असम राइफल एआर के साथ भी बातचीत की गई. उसमें यह बात सामने आई कि प्रतिनियुक्ति अवधि बढ़ाए जाने से एनएसजी में कार्मिकों के संस्थागत ज्ञान को बनाए रखने में मदद मिलेगी. 2 अन्य एजेंसियों में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) भी शामिल हैं.
गृह मंत्रालय के निर्देशों में संशोधन
सीबीआई सहित दूसरी एजेंसियों को लेकर भी ऐसा ही फीडबैक मिला था. इसके मद्देनजर ये फैसला लिया गया कि सीएपीएफ और एआर कर्मियों को प्रारंभिक नियुक्ति के समय ही 7 वर्ष की अवधि के लिए पांचों केंद्रीय एजेंसियों में प्रतिनियुक्त किया जाएगा. गृह मंत्रालय द्वारा 22 नवंबर 2016 के दिशा निर्देशों में संशोधन किए गए हैं.
पैराग्राफ 3 (बी) (2) में प्रतिनियुक्ति की अवधि शीर्षक के तहत कुछ प्रावधानों में बदलाव किया गया है. सीबीआई, एनसीबी, एनआईए, एनडीआरएफ और एनएसजी में अब प्रतिनियुक्ति की अवधि 7 साल कर दी गई है. यह अवधि इन सभी एजेंसियों में प्रवेश करने के समय से लागू होगी.
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