श्रीनगर: अनुच्छेद 35ए पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को होने वाली सुनवाई से पहले जम्मू-कश्मीर के कई अलगाववादी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है. पुलिस ने कल शाम को जेकेएलएफ नेता यासिन मलिक और उसके बाद रात में जमात-ए-इस्लामी के नेताओं को हिरासत में ले लिया.
जमात के एक प्रवक्ता ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों में प्रमुख (अमीर-ए-जमात) अब्दुल हमीद फयाज भी शामिल हैं. अधिकारियों ने इस बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है कि 5,000 से अधिक कैडर वाले सबसे पुराने धार्मिक-राजनीतिक संगठन पर छापेमारी की आवश्यकता क्यों पड़ी.
नेताओं की गिरफ्तारी पर PDP नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गिरफ्तारियों का विरोध किया है. उन्होंने कहा, ''पिछले 24 घंटों में, हुर्रियत नेताओं, जमात संगठन के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. किस कानूनी आधार के तहत उनकी गिरफ्तारी जायज है? आप किसी व्यक्ति को नहीं बल्कि उसके विचारों को कैद कर सकते हैं.''
वहीं अकाली दल के नेताओं को उस वक्त हिरासत में ले लिया गया जब श्रीनगर के लालचौक पर तिरंगा फहराने की कोशिश कर रहे थे.
अनुच्छेद 35ए पर सुनवाई को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. साथ ही केंद्र सरकार ने सुरक्षाबलों की 120 कंपनियां जम्मू-कश्मीर भेजी है. एक कंपनी में 100 जवान होते हैं. अनुच्छेद 35A प्रावधान जम्मू कश्मीर के बाहर के व्यक्ति को जम्मू-कश्मीर में अचल संपत्ति खरीदने से प्रतिबंधित करते हैं.
अनुच्छेद 35ए पर सुनवाई ऐसे समय में हो रही है जब 14 फरवरी को पुलवामा में आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किये गए हैं.