नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में पाकिस्तानी आतंकी संगठन के हमले के पांच दिन बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने चुप्पी तोड़ी और एक के बाद एक कई झूठ बोले. उन्होंने कहा कि यदि आपके (भारत) पास किसी पाकिस्तानी की संलिप्तता के बारे में ऐसी कोई खुफिया जानकारी है जिसके आधार पर कार्रवाई की जा सकती है, तो वह जानकारी हमें दीजिए. मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि हम कार्रवाई करेंगे.
इमरान खान के बयान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय ने कहा, ''हमें इससे कोई आश्चर्य नहीं है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पुलवामा में हमारे सुरक्षा बलों पर हुए हमले को आतंकवादी घटना मानने से इंकार कर दिया है.''
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ''पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने न तो इस नृशंसा घटना की निंदा की और न ही शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करने को मुनासिब समझा.''
मंत्रालय ने कहा, ''पाकिस्तान द्वारा आतंकवादियों से किसी भी प्रकार का संपर्क होने से इंकार करते समय इमरान खान ने जैश-ए-मोहम्मद के दावे को नजर अंदाज किया.''
भारत ने क्या कुछ कहा- - यह एक ज्ञात तथ्य है कि जैश-ए-मोहम्मद और उसके नेता मसूद अजहर पाकिस्तान में है और यह सबूत पाकिस्तान द्वारा कदम उठाए जाने के लिए पर्याप्त होना चाहिए. - पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा भारत की तरफ से सबूत मुहैया कराने पर जांच की पेशकश करना, फिजूल का बहाना है. - यह खेदजनक है कि इमरान खान ने पुलवामा हमले पर भारत के जवाब को आगामी चुनाव से प्रेरित बताया है, भारत इसका खंडन करता है. - हम मांग करते हैं कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करना बंद करे और पुलवामा हमले के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ ठोस, स्पष्ट कार्रवाई करे. - विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि नया पाकिस्तान में इमरान खान के मंत्री आतंकी हाफिज सईद के साथ मंच पर दिखते हैं.
