Max Smart Super Speciality Hospital: नई दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने एक सिंथेटिक पॉलिएस्टर लिगामेंट का इस्तेमाल कर कोहनी का सफलतापूर्वक रिकंस्ट्रक्सन किया है. इस सर्जरी को एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है. मरीज को एक भीषण एक्सीडेंट में गंभीर चोट आई थी. इस दौरान सॉफ्ट टिश्यू पूरी तरह खत्म हो गए थे.
इस मुश्किल भरी सर्जरी को अस्पताल के डॉ. विकास गुप्ता और उनकी अपर लिंब सर्जरी टीम ने अंजाम दिया. सर्जिकल टीम की मानें तो मरीज को कोहनी के आसपास डीग्लोविंग जैसी गंभीर चोट लगी थी. इसमें सभी नेचुरल लिगामेंट सपोर्ट और सॉफ्ट टिश्यू खत्म हो गए थे. चोट इतनी गंभीर थी कि ट्रेडिशनल तरीकों से इसे नहीं किया जा सकता था. यहां मरम्मत के लिए कोई भी हेल्दी लिगामेंट टिश्यू नहीं बचा था.
सॉफ्ट टिश्यू हो गया था पूरी तरह नष्ट
अपर लिंब सर्जरी के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि कोहनी का सहारा देने वाला सॉफ्ट टिश्यू पूरी तरह नष्ट हो गया था. हाालंकि, ज्यादातर चोटों में लिगामेंट टिश्यू बच जाते हैं. उनकी ठीक कर दिया जाता है. हालांकि, इस वाले केस में कुछ भी नहीं बचा था. सिंथेटिक इम्प्लांट ने शरीर के दूसरे हिस्सों से टेंडन ग्राफ्ट लिए बिना ही जोड़ को तुरंत मैकेनिकल स्टेबिलिटी दी. यह सर्जरी गंभीर चोट लगने के बाद ही हुई. अगर समय रहते यह सर्जरी नहीं की जाती तो अकड़न और लंबे समय तक विकलांगता की समस्या हो जाती है. ऐसे में शुरुआत में मूवमेंट कराना जरूरी होता है.
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सिंथेटिक रिकंस्ट्रक्शन से तुरंत स्थिरता मिलीडॉक्टर गुप्ता ने बताया कि पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी कोहनी के जोड़ में 24 घंटे के भीतर स्थिर मूवमेंट हासिल कराना बहुत ही असामान्य बात है. सिंथेटिक रिकंस्ट्रक्शन से तुरंत स्थिरता मिली. इस सर्जरी के तरीके से अपर लिंब की गंभीर चोटों के मामलों में खासकर सड़क दुर्घटनाओं और चोटों के इलाज में अहम मदद मिल सकती है. इससे पहले सिंथेटिक पॉलिएस्टर लिगामेंट सिस्टम का इस्तेमाल पहले घुटने और कंथे की सर्जरी में किया जा चुका है. अस्पताल ने कहा है कि इस केस और इसके नतीजों का विस्तृत क्लिनिकल डॉक्यूमेंटेशन तैयार किया जा रहा है. दरअसल, दिल्ली स्थित साकेत मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल हाई, कलाई और हाथ बांह से जुड़ी जटिल सर्जरी और एडवांस्ड ट्रॉमा केयर के लिए जाना जाता है.
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