सहारनपुर से कोलकाता एयरपोर्ट तक... मस्जिद विवाद पर फिरंगी महली का बड़ा बयान, कहा- 'मुसलमान की शिनाख्त मिटाने की कोशिश'
Kolkata Airport Mosque: मौलाना खालिद राशिद ने कहा कि कोलकाता एयरपोर्ट पर यह मस्जिद मौजूद थी. इसे हटाना पूरी तरह गलत है. मुसलमानों की पहचान मिटाने की कोशिश की जा रही है.

सहारनपुर में मस्जिद हटाने के आदेश और कोलकाता एयरपोर्ट परिसर से मस्जिद को हटाने के मुद्दे पर मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि देश में केवल मस्जिदों को निशाना बनाया जाना बेहद दुखद और चिंताजनक है. साथ ही उन्होंने प्रशासन से दोनों मामलों पर पुनर्विचार करने की अपील की.
मौलाना खालिद रशीद ने कहा, "पूरे देश में सभी धर्मों के ऐसे कई पूजा स्थल हैं, जिनके बारे में यह साबित करना आसान नहीं है कि वे किस जमीन पर बने हैं. केवल मस्जिदों को निशाना बनाना बेहद दुखद और अफसोसजनक है. पिछले एक साल में देश के कई राज्यों में यह कहकर कई मस्जिदों को गिराया गया कि वे सरकारी जमीन पर बनी थीं या उनके पास वैध दस्तावेज नहीं थे."
उन्होंने कहा कि आज भी देश में 'वक्फ बाय यूज़र' का कानूनी प्रावधान मौजूद है. नए वक्फ (संशोधन) अधिनियम में भी यह व्यवस्था की गई है कि कानून लागू होने तक 'वक्फ बाय यूज़र' की श्रेणी में आने वाले धार्मिक स्थलों को मान्यता दी जाएगी. ऐसे में सहारनपुर की मस्जिद को हटाने का फैसला उचित नहीं लगता.
फिरंगी महली ने कहा, "इन सब बातों के बावजूद सहारनपुर में मस्जिद हटाने की बात पूरी तरह गैरकानूनी दिखाई देती है. हमारा मानना है कि संबंधित अधिकारियों को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए."
धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला और मुसलमानों की पहचान मिटाने की कोशिश
कोलकाता एयरपोर्ट परिसर में मस्जिद को हटाने के प्रस्ताव पर भी उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई. उनका कहना है कि दुनिया के अधिकांश बड़े एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए प्रार्थना या नमाज की व्यवस्था होती है और भारत के कई हवाई अड्डों पर भी ऐसी सुविधाएं उपलब्ध हैं.
उन्होंने कहा, "दुनिया के अधिकांश बड़े हवाई अड्डों पर प्रार्थना के लिए अलग प्रेयर रूम या नमाज की व्यवस्था होती है. अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा जैसे कई देशों के एयरपोर्ट पर यह सुविधा उपलब्ध है. हमें गर्व है कि भारत के भी कई एयरपोर्ट पर ऐसी व्यवस्था की गई है."
मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कोलकाता एयरपोर्ट परिसर में मस्जिद को हटाने के प्रस्ताव पर भी कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा- "कोलकाता एयरपोर्ट पर यह मस्जिद मौजूद थी. इसे हटाना पूरी तरह गलत है. मुसलमानों की पहचान मिटाने की कोशिश की जा रही है" #KolkataAirport… pic.twitter.com/nsfIRSMVkX
— ABP News (@ABPNews) July 17, 2026
मौलाना ने आगे कहा, "कोलकाता एयरपोर्ट पर भी यह मस्जिद मौजूद थी. इसे हटाना पूरी तरह गलत है. यह धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला और मुसलमानों की पहचान मिटाने की कोशिश है. हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और राज्य सरकार तथा एयरपोर्ट अथॉरिटी से अपील करते हैं कि मस्जिद को वहां से हरगिज़ न हटाया जाए."
सहारनपुर और कोलकाता एयरपोर्ट से जुड़े इन दोनों मामलों ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों, वक्फ कानून और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छेड़ दी है. ऐसे में मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली का यह बयान इस विवाद को और राजनीतिक तथा सामाजिक चर्चा के केंद्र में ले आया है.
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