मणिपुर के म्यूजिक टीचर का दिल्ली में कत्ल, हंगामे के विरोध में पीटा, 7 गिरफ्तार
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि मेइती समुदाय से संबद्ध सिंह ने सामान पहुंचाने वाले कर्मियों और ढाबा कर्मचारियों द्वारा उनके आवास के बाहर कथित रूप से शोर मचाने पर आपत्ति जताई थी

राजधानी दिल्ली के किलोकरी इलाके में रहने वाले मणिपुर के रिटायर्ड म्यूजिक टीचर की पीट-पीट कर हत्या का मामला सामने आया है. दरअसल विक्रम सिंह रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे अपने घर से कूड़ा डालने के लिए तीसरे फ्लोर से नीचे आए. उसी वक्त उनकी नीचे खड़े कुछ लड़कों से बहस हो गई.
लड़के शोर मचा रहे थे, जब उन्होंने शोर मचाने से मना किया तो विवाद बढ़ गया. विक्रम सिंह वापस अपने घर पर चले गए. लकड़े पीछा करते हुए उनके पीछे पहुंचे और उनके साथ मारपीट की. शोर सुनकर विक्रम सिंह का बेटा जब आया तो लड़के फरार हो गए. इसके बाद विक्रम सिंह का बेटा उनको अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
मामले में 7 आरोपी गिरफ्तार
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की गई. पुलिस ने इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 1 नाबालिग को पकड़ा है.
Deeply saddened by the tragic passing of renowned Manipuri guitarist and Western music pioneer, Shri Chongtham Vikram Singh, and deeply concerned by the incident in which he was allegedly assaulted near his residence in southeast Delhi.
— N. Biren Singh (@NBirenSingh) September 7, 2026
Shri Vikram Singh’s invaluable… pic.twitter.com/MH49Pcdh8A
बताया जा रहा है कि हमलावर दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में सामान पहुंचाने का काम करने वाले और ढाबा कर्मी हैं. पुलिस अधिकारी ने बताया कि सनलाइट कॉलोनी थाना अंतर्गत किलोकरी गांव के निवासी एवं मणिपुर से ताल्लुक रखने वाले सी. विक्रम सिंह की पिटाई के संबंध में पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को सूचना दी गई.
नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी ने क्या कहा?
‘नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी’ (एनईएसएसडीयू) ने सोमवार को जारी एक बयान में सिंह की मौत की निंदा की और उन्हें ‘‘सम्मानित मणिपुरी संगीतकार’’ बताया.
छात्रों के संगठन ने कहा, ‘‘रिपोर्ट के मुताबिक, छह लोगों का एक समूह जब उनके घर के बाहर शराब पी रहा था और हंगामा कर रहा था तो वह अपने घर के बाहर आए और उनसे शोर कम करने का अनुरोध किया, इसके बाद समूह ने उन पर कथित तौर पर हमला करके उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे बाद में उनकी मौत हो गई.’’
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एनईएसएसडीयू ने इसकी निंदा करते हुए इसे ‘‘हिंसा का संवेदनहीन कृत्य’’ बताया और अधिकारियों से ‘‘तेज, निष्पक्ष और गहन जांच’’ सुनिश्चित करने और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया. पुलिस ने कहा कि उन्होंने भरत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32), विजय (36) व मन्नू (26) को गिरफ्तार किया है और एक किशोर को हिरासत में लिया है.
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी अलग-अलग ढाबों पर काम करते हैं. पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है.
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