गुवाहाटी: तृणमूल कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष द्विपेन पाठक और दो अन्य नेताओं ने एनआरसी के अंतिम मसौदे के प्रति पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के विरोध के विरुद्ध आज पार्टी से इस्तीफा दे दिया. तृणमूल के रुख पर असम के कई दलों और संगठनों से तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. पाठक का इस्तीफा बंगाली बहुल बराक घाटी में सिलचर हवाई अड्डे पर तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने और पुलिस द्वारा उसे बाहर निकलने से रोके जाने के कुछ ही घंटे के अंदर आया . बनर्जी के निर्देश पर प्रतिनिधिमंडल असम गया था. असम में सत्तारुढ़ बीजेपी और अन्य दलों ने कहा है कि बराक घाटी में तृणमूल का कोई अस्तित्व नहीं है. पूर्व विधायक पाठक ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी के प्रकाशन के बाद उन्होंने पार्टी नेताओं को असम की जमीनी हकीकत से अवगत कराया था और बनर्जी से राज्य में प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजने की अपील की थी. 2011-2016 तक तृणमूल के विधायक रहे पाठक ने कहा, ‘‘पार्टी ने मेरे सुझाव पर ध्यान नहीं दिया और यहां की जमीनी स्थिति समझने से इनकार कर दिया. इस पृष्ठभूमि में मेरे लिए उस पार्टी में बने रहना संभव नहीं है जो असमी भावना को महत्व नहीं देती. ’’ पार्टी के दो अन्य सदस्यों - प्रदीप पचानी और दिगंता सैकिया ने भी यह कहते हुए पार्टी छोड़ दी कि वे उस पार्टी में नहीं बने रहना चाहते हैं जो मूल असमी लोगों की पहचान से समझौता करना चाहती है. यह भी पढ़ें-इमरान के शपथ समारोह में गावस्कर, कपिल, सिद्धू, और आमिर को बुलावा, स्वामी बोले- जो जाएगा वो आतंकवादीगुरुग्राम: मुस्लिम लड़के की जबरन कटवाई गई दाढ़ी, मना करने पर सैलून वाले को भी पीटामुसलमानों की जनसंख्या बढ़ रही है इसलिए घुसपैठ बढ़ रही है: निशिकांत दुबेमुजफ्फरपुर रेप कांड: लेफ्ट-आरजेडी का बिहार बंद, जहानाबाद में रोकी जनशताब्दी