तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर नियंत्रण को लेकर जारी लड़ाई मंगलवार (23 जून 2026) को और तेज हो गई. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खेमे ने दावा किया कि उसने दो दिन पहले ही नई राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन कर लिया था और बागी गुट द्वारा ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाकर समानांतर नेतृत्व की घोषणा किए जाने से कुछ घंटे पहले ही इसकी जानकारी चुनाव आयोग को भेज दी थी. इस बीच ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने उनके पूर्व सहयोगी और कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम को सात अन्य बागी विधायकों के साथ पार्टी से सस्पेंड कर दिया.

Continues below advertisement

इन नेताओं को ममता बनर्जी ने किया सस्पेंड

फिरहाद हकीम के अलावा सस्पेंड होने वाले नेताओं में जावेद अहमद खान, अरूप रॉय, रथिन घोष, बिप्लब मित्रा, सबीना यास्मीन, अरूप विश्वास और स्नेहासिस चक्रवर्ती शामिल हैं. यह कदम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट द्वारा बागी सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के कुछ घंटों बाद उठाया गया, जिसमें उन पर जानबूझकर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया था.

Continues below advertisement

विपक्ष के नेता ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी टीएमसी ने सोमवार (22 जून 2026) को एक नए नेतृत्व की घोषणा की, जिसमें विधायक अरूप रॉय को ममता बनर्जी के स्थान पर पार्टी का अध्यक्ष नामित किया गया. ममता बनर्जी ने 1998 में कांग्रेस छोड़ने के बाद तृणमूल का गठन किया था और तब से वह इस पार्टी की नेता थीं. विरोधियों ने 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्य समिति (एनडब्ल्यूसी) का भी ऐलान किया, साथ ही यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी उनके मार्गदर्शक के रूप में काम करें.

TMC मतलब ममता बनर्जी: कुणाल घोष

वरिष्ठ टीएमसी नेता और विधायक कुणाल घोष ने बागी खेमे की गतिविधियों को खारिज करते हुए कहा, ‘यह एक हास्यास्पद नाटक है. जिस व्यक्ति को तृणमूल से निष्कासित किया जा चुका है, वह विशेष अधिवेशन आयोजित कर रहा है. मामला कोर्ट में है और हमें न्याय मिलने का भरोसा है. हम ऐसे हास्यास्पद व्यवहार को कोई महत्व नहीं देते. टीएमसी का मतलब ममता बनर्जी है, बाकी सब तमाशा है.'

ये भी पढ़ें : Explained: मोदी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल! क्या जॉर्ज कुरियन के बाद पंकज, हर्ष और बिट्टू का अगला नंबर, अंदरखाने क्या चल रहा?