तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों ने रविवार को स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की. पार्टी के 20 विधायकों ने एनडीए को समर्थन देने और एक क्षेत्रिय दल में विलय की बात कही है. वहीं, अब इस पर टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने बागियों पर बड़ा निशाना साधा है.
उन्होंने कहा है कि वे सांसद निर्दलीय सांसद के तौर पर नहीं चुने गए थे. वे टीएमसी के उम्मीदवार के तौर पर चुने गए थे. उन्हें वोट देने वाले वोटर बीजेपी विरोधी हैं. अब वे एनडीए में जा रहे हैं. यह न सिर्फ ममता बनर्जी और टीएमसी के साथ धोखा है. बल्कि उन सभी वोटरों के साथ भी धोखा है, जिन्होंने उन्हें वोट दिया था.
क्या हो सकता है बागी सांसदों का अगला कदम?
चर्चा है कि टीएमसी कांग्रेस के बागी गुट एक उत्तर पूर्व की पार्टी में विलय करने पर विचार कर सकते हैं. वह पार्टी NDA का हिस्सा होगी. हालांकि आधिकारिक जानकारी का भी इंतजार है. सूत्रों के मुताबिक त्रिपुरा की नेशनल नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी में तृणमूल कांग्रेस का यह बागी गुट विलय करने की योजना बना रहा है. शताब्दी राय ने कहा कि हम नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी के साथ जा रहे हैं.
क्या रहा रविवार का पूरा राजनीतिक घटनाक्रमस्पीकर से रविवार को 20 सांसदों ने मुलाकात की है. दो तिहाई से ज्यादा सांसदों ने स्पीकर से मिले हैं. बागी गुट की तरफ से सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा है कि टीएमसी के असली सिंबल पर दावा करेंगे. उन्होंने बताया कि एक सिस्टम है दो तिहाई पार्टी की हिस्सेदारी चले जाते हो तो पहले दिन क्लेम नहीं कर सकते कि हमें ये पार्टी का नाम दे दो. जब जुलाई में पार्लियामेंट चलेगा तो हम तृणमूल में आएंगे, तब हम बोलेंगे कि हम लोगों को तृणमूल दो क्यों कि हमारे दो तिहाई है.
