चुनाव आयोग की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के गुट के नए नामों की घोषणा की गई. इसके साथ ही दोनों पार्टियों को अलग-अलग चुनाव चिह्न दिया गया, जिसे लेकर ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हम संवैधानिक पद का अनादर नहीं करते, लेकिन आज हमारे लोकतांत्रिक इतिहास का एक काला दिन है. उन्होंने कहा कि हमारे देश में जो हो रहा है, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण, असंवैधानिक, गैर-कानूनी, अलोकतांत्रिक और एक राजनीतिक पार्टी के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए की गई पूरी तरह से पक्षपाती बदले की कार्रवाई है.

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बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप

ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, 'उन्होंने पहले ही कह दिया था कि न नाम रखने दूंगा और न निशान रहने दूंगा. कौन हैं ये लोग. आज पावर में हैं, कल नहीं रहेंगे.' पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा और बंगाल में वोट चोरी की है. उन्होंने कहा, 'यह 'झूठी BJP पार्टी', एक 'जुमला पार्टी' है. इसका काम देश में लोकतंत्र, संविधान और शिक्षा व्यवस्था को खत्म करना है. पत्रकारों को भी नहीं बख्शा जाता, अगर कोई उनके खिलाफ बोलता है, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है.'

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हम लड़ेंगे और वापसी करेंगे: ममता

उन्होंने कहा, 'हमसे पहले उद्धव ठाकरे को भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था. मैं ऐसे किसी भी व्यक्ति का सम्मान नहीं करती जो सिर्फ BJP के अहंकार को संतुष्ट करने में लगा हो. न तो हम सिर झुकाएंगे और न ही हार मानेंगे, हम लड़ेंगे और वापसी करेंगे. कल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुझे फोन किया था, अरविंद केजरीवाल ने भी समर्थन जताया. हम सब मिलकर BJP के खिलाफ लड़ेंगे.'

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'वे नहीं जानते कि मैं ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को नहीं छोड़ सकती. जब तक मैं इस दुनिया से नहीं चली जाती, यह हमेशा मेरे साथ रहेगी. यह बिल्कुल गंदा खेल है, लेकिन हम भी इसका मुकाबला करने के लिए तैयार हैं. मैं चाहती हूं कि बीजेपी भारत से चली जाए. हम INDIA गठबंधन में एकजुटता चाहते हैं. नंदीग्राम में, हम कांग्रेस पार्टी को अपना समर्थन देंगे. यह देश के हित में है. रेजीनगर के बारे में मैं बाद में फैसला करूंगी.' 

चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी की पार्टी 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' को 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिह्न दिया है जबकि ममता बनर्जी की पार्टी को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा राज्यों में राजनीतिक दल के तौर पर मान्यता दी है. वहीं, ऋतब्रत बनर्जी की पार्टी 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' को 'लिफाफा' चुनाव चिह्न दिया गया है. उनकी पार्टी को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा राज्यों में राजनीतिक दल के तौर पर मान्यता दी गई है.