सोचिए आप हाईवे पर गाड़ी चला रहे हैं और अचानक आगे कहीं एक्सीडेंट हो जाए या तेज ब्रेक लगे या सड़क पर फिसलन आ जाए और आपकी गाड़ी आपको पहले ही अलर्ट कर दे. अब ये सिर्फ कल्पना नहीं बल्कि जल्द हकीकत बनने वाली है. देश में अब ड्राइविंग में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. अब गाड़ियां आपस में बात करते हुए नजर आएंगी. सरकार की नई हाईटेक योजना के तहत अब गाड़ी खुद से हादसे से पहले चेतावनी देगी. गाड़ियों में ऐसा सिस्टम लगाया जाएगा, जिनमें कार से कार की बात होगी. 

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भारत सरकार ला रही नई तकनीक

केंद्र सरकार सड़क हादसों को रोकने के लिए ऐसी तकनीक ला रही है जिससे सड़क पर चल रही गाड़ियां एक-दूसरे से बात कर सकेंगी यानी आगे वाली गाड़ी में जैसे ही कोई खतरा होगा, पीछे वाली गाड़ियों तक तुरंत चेतावनी पहुंच जाएगी. इस काम के लिए सरकार ने 30 गीगाहर्ट्ज की खास रेडियो फ्रीक्वेंसी तय की है. आसान भाषा में कहें तो यह बहुत तेज सिग्नल वाली वेव है जो पल भर में एक गाड़ी से दूसरी गाड़ी तक संदेश पहुंचा देगी. जैसे ही आगे वाली कार अचानक ब्रेक लगाएगी, फिसलेगी या किसी हादसे में फंसेगी तो पीछे आ रही गाड़ी के सिस्टम में अलर्ट चमक उठेगा.

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एक्सीडेंट समेत धुंध, बारिश और रात के अंधेरे का मिलेगा अलर्ट

इस तकनीक से न सिर्फ बड़े एक्सीडेंट रुक सकेंगे बल्कि धुंध, बारिश और रात के अंधेरे में भी ड्राइवर को पहले से खतरे का पता चल जाएगा. संसद की सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार अब चार स्तरों पर काम कर रही है, जैसे सुरक्षित सड़कें, सख्त ट्रैफिक कानून, लोगों में जागरूकता और हादसे के बाद तुरंत इलाज मिलेगा. साथ ही ब्लैक स्पॉट में सुधार, हाईवे चौड़ीकरण, हर जिले में ट्रॉमा सेंटर और स्कूलों में सड़क सुरक्षा की पढ़ाई जैसे कदम भी इसी योजना का हिस्सा हैं. सरकार का मकसद है कि ऐसी सड़कें बनाना जहां तकनीक खुद ड्राइवर की मदद करे और हर सफर सुरक्षित घर तक पहुंचे.