Women Reservation Bill: महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर वास्तविक उद्देश्य से भटकाकर राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ा रही है.

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प्रणिती शिंदे ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में संसद में पारित हुआ था, लेकिन उसमें परिसीमन और जनगणना जैसी शर्तें जोड़ दी गईं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने उस समय भी बिना शर्त इसे लागू करने की मांग की थी ताकि यह 2024 के चुनावों में लागू हो सके.

भाजपा पर लगाए गंभीर आरोपसांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जानबूझकर शर्तें जोड़ीं. उन्होंने कहा कि सरकार बिना परिसीमन के भी इसे लागू कर सकती है, लेकिन वह राजनीतिक लाभ के लिए इसे टाल रही है. उन्होंने दावा किया कि विशेष सत्र को लेकर असली उद्देश्य महिला आरक्षण नहीं, बल्कि परिसीमन को आगे बढ़ाना है. प्रणिती शिंदे ने कहा कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में चुनाव को देखते हुए विशेष सत्र बुलाया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक रणनीति बना रही है.

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परिसीमन को लेकर विवादकांग्रेस सांसद ने कहा कि परिसीमन के जरिए उन राज्यों में सीटें बढ़ाई जाएंगी जहां भाजपा मजबूत है, जबकि कमजोर राज्यों में सीटें कम की जाएंगी. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक असंतुलन की कोशिश बताया. उन्होंने कहा कि 1993 में 73वें और 74वें संविधान संशोधन के तहत राजीव गांधी सरकार ने महिलाओं को पंचायत और नगर निकायों में 50% आरक्षण दिया था, जिससे देशभर में करीब 15 लाख महिलाओं को लाभ मिला. प्रणिती शिंदे ने कहा कि कांग्रेस ने देश को पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी दी है और पार्टी हमेशा महिला सशक्तिकरण की असली प्रणेता रही है.