उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में NCP की बैठक, तटकरे ने खुलकर जताई नाराजगी; प्रफुल्ल पटेल रहे लापता
NCP Meeting in Mumbai: बैठक के दौरान सांसद सुनील तटकरे ने खुद और प्रफुल्ल पटेल पर लगातार हो रही आलोचना को लेकर खुलकर नाराजगी जताई. उन्होंने सवाल उठाया कि निशाना सिर्फ हम पर ही क्यों साधा जा रहा है?

- पार्टी की एकजुटता पर जोर, वित्त मंत्रालय पर भी चर्चा हुई।
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में सोमवार (25 मई, 2026) की देर रात हुई राष्ट्रवादी कांग्रेस (NCP) की बैठक आंतरिक नाराजगी, आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक संकेतों के कारण चर्चा का विषय बनी रही. पार्टी में चल रही अंदरूनी खींचतान इस बैठक में खुलकर सामने आने की चर्चा है. पिछले कई दिनों से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी कलह की खबरें सामने आ रही थीं. इसी पृष्ठभूमि में पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने नेताओं, वर्तमान और पूर्व विधायकों की बैठक बुलाई थी.
सुनील तटकरे की खुली नाराजगी?
बैठक के दौरान सांसद सुनील तटकरे ने खुद और प्रफुल्ल पटेल पर लगातार हो रही आलोचना को लेकर खुलकर नाराजगी जताई. उन्होंने सवाल उठाया कि निशाना सिर्फ हम पर ही क्यों साधा जा रहा है? साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के अन्य नेता उनके समर्थन में आगे नहीं आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि उन्होंने वरिष्ठ नेतृत्व से इस मुद्दे पर स्पष्ट भूमिका लेने की मांग भी की.
तटकरे जब अपनी बात रख रहे थे, तभी मंत्री छगन भुजबल ने उन्हें रोकने की कोशिश की. हालांकि, तटकरे ने यह कहते हुए अपनी बात जारी रखी कि स्पष्टता जरूरी है, इसलिए मैं बोलूंगा. इस दौरान तटकरे और भुजबल के बीच बहस होने की भी चर्चा रही.
मामले पर क्या बोले छगन भुजबल?
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए छगन भुजबल ने कहा, ‘हमें समन्वय समिति की बैठक में जाना था और लगातार फोन आ रहे थे, इसलिए मैंने सिर्फ इतना कहा कि जल्दी बोलिए.’ उन्होंने दोनों नेताओं के बीच किसी भी तरह के विवाद से इनकार करते हुए अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि बैठक में पार्टी से जुड़े सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.
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प्रफुल्ल पटेल बैठक से रहे अनुपस्थित
खास बात यह भी रही कि तटकरे के भाषण से पहले ही पार्थ पवार बैठक छोड़कर बाहर चले गए थे. इससे पार्टी में अंदरूनी मतभेदों की चर्चाओं को और बल मिल गया. वहीं, मुंबई में मौजूद होने के बावजूद प्रफुल्ल पटेल बैठक में शामिल नहीं हुए.
पार्टी नेताओं के मुताबिक, पटेल ने पहले ही बैठक में शामिल न हो पाने की जानकारी दे दी थी. इसके बावजूद उनकी गैरमौजूदगी ने अंदरूनी कलह की चर्चाओं को और हवा दे दी. हालांकि, छगन भुजबल ने कहा कि प्रफुल्ल पटेल किसी निजी कारण से बैठक में शामिल नहीं हो सके..
पार्टी को एकजुट दिखाने पर जोर
बैठक में जनता के बीच पार्टी की एकजुट छवि पेश करने पर जोर दिया गया. बताया जा रहा है कि सुनेत्रा पवार ने वरिष्ठ नेताओं से कहा कि पार्टी की बदनामी करने वालों को मजबूती से जवाब दिया जाए. उन्होंने यह नाराजगी भी जताई कि पार्टी में फूट पड़ने और कुछ विधायकों के शरद पवार गुट में जाने की चर्चाओं के जरिए पार्टी की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है.
सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल के पदों को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी बैठक में विराम लगाने की कोशिश हुई. बताया जा रहा है कि सुनेत्रा पवार ने भरोसा दिलाया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का पूरा सम्मान किया जाएगा.
वित्त मंत्रालय को लेकर सुनेत्रा पवार का जोर
अजित पवार के जीवित रहने के दौरान राज्य का वित्त मंत्रालय उनके पास था, लेकिन उनके निधन के बाद यह विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास चला गया. बैठक में सुनेत्रा पवार ने कहा कि वित्त मंत्रालय फिर से राष्ट्रवादी कांग्रेस को दिए जाने की मांग मुख्यमंत्री से कई बार की गई है, लेकिन अब तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है.
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