महाराष्ट्र: राज्य में लॉकडाउन के चलते करीब 5 महीने से मंदिर बंद है. जिसको लेकर बीजेपी ने मंदिरों को खोलने की मांग की है. साथ ही कहा है कि अगर मंदिर नहीं खोले गये तो वो घंटानाद आंदोलन शुरू कर देंगे. विभिन्न धार्मिक संस्थाओं ने ठाकरे सरकार पर आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने तमाम राज्यों में मंदिरों को खोलने की इजाजत दे दी है. लेकिन सिर्फ महाराष्ट्र सरकार अभी तक कतरा रही है.

महाराष्ट्र में मंदिरों को खोलने की सबसे ज्यादा आवाज पुणे शहर से उठ रही है. पुणे शहर के बीजेपी अध्यक्ष जगदीश मुलीक ने आवाहन किया कि अगर सरकार मंदिरों को खोलने की इजाजत नहीं देती तो सबसे पहले पुणे से तमाम धार्मिक संगठनों और बीजेपी की तरफ से 29 तारीख से ही घंटानाद आंदोलन की शुरुआत की जाएगी.

वहीं मुंबई के बीजेपी नेता राम कदम ने भी 29 तारीख को सिद्धिविनायक मंदिर जाने का आवाहन किया है. साथ ही  कहा कि महाराष्ट्र सरकार उन्हें अगर रोकना चाहे तो रोकने की कोशिश कर सकती है. बीजेपी विधायक राम कदम ने कहा है कि कल 29 अगस्त, सुबह दस बजे सिद्धिविनायक मंदिर दर्शन के लिये जाऊंगा. यदि महाराष्ट्र सरकार का भगवान पर भरोसा है तो हमे रोकने की हिंमत ना करें. दारू क़ी दुकाने, मॉल सब कुछ खुल गया महाराष्ट्र के  मंदिर कब खुलेंगे?

बीजेपी के नेताओं की तरफ से महाराष्ट्र सरकार को अस्वस्थ किया गया है की मंदिर खोले जाएं. वहां पर कोरोना से सुरक्षित रहने के पूरे उपाय किए जाएंगे. लोग मास्क लगाकर जाएंगे और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाएगा. अब आगे देखना होगा कि बीजेपी की मांग पर महाराष्ट्र की सरकार ध्यान देती है या नहीं.

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