भोपाल : मध्य प्रदेश में खुले में शौच पर गरीबों की पिटाई और जेल भेजने का आरोप लगा है. लोग कर्ज लेकर शौचालय बनाने के लिए मजबूर हो रहे हैं. एबीपी न्यूज पर खबर के बाद कांग्रेस ने सीएम को चिट्ठी लिखकर जुल्म रोकने की मांग की है. मध्य प्रदेश में तो गांवों को खुले में शौच मुक्त दिखाने की ऐसी होड़ अफसरों में लगी है कि झूठे आंकड़ों का पुलिंदा तक पेश कर दिया जा रहा है.

एबीपी न्यूज ऐसे अफसरों को भी बेनकाब करता रहा है

एबीपी न्यूज ऐसे अफसरों को भी बेनकाब करता रहा है. पर अभी ये जानने की जरूरत है कि देश को खुले में शौच से आजादी दिलाना जरूरी है तो वो कौन सा रास्ता हो ? जिसमें जेल भेजने की धमकी से नहीं बल्कि गरीब आम आदमी को प्रेरित करके लक्ष्य पूरा किया जा सके. मध्य प्रदेश में खरगोन के कलेक्टर अशोक कुमार को आप भूले नहीं होंगे.

यह भी पढ़ें : रामजस हिंसा: पोस्ट पर मचे घमासान के बाद गुरमेहर ने डिएक्टिवेट किया फेसबुक अकाउंट

खास कार्यक्रम 'घंटी बजाओ' के जरिए उनकी पोल खोली थी

एबीपी न्यूज ने अपने खास कार्यक्रम 'घंटी बजाओ' के जरिए उनकी पोल खोली थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन के लिए कलेक्टर साहब ने हर घर में टॉयलेट बने बिना गांव को शौच मुक्त घोषित करने की कोशिश की थी. इस बारे में स्थानीय युवक ने जब सवाल उठाया था तो कलेक्टर अशोक कुमार भड़क गए थे.

धमकी देना सिर्फ मध्य प्रदेश में नहीं बल्कि दूसरे राज्यों में भी

शौचालय के लिए अफसरों का भड़कना, धमकी देना सिर्फ मध्य प्रदेश में नहीं बल्कि दूसरे राज्यों में भी हो रहा है. जैसे पिछले दिनों बक्सर के डीएम रमन कुमार का वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो में वे यह कहते पाए गए थे कि 'कोई लोटा लेकर बाहर निकल नहीं सकता...बच्चों का स्कूल से नाम कटेगा...जो सरकारी सुविधा मिलती है वो बंद होगी'.'

यह भी पढ़ें : ट्वीट का ट्विस्ट : 'मजाक' के ट्वीट ने बदली जिंदगी, अब मोटापा नहीं बनेगा 'बोझ'

डराकर शौचालय बनवाना चाहते हैं तो इसकी वजह भी खास है...

मध्य प्रदेश समेत देश के दूसरे राज्यों में अगर अफसर आक्रामक होकर, जनता को डराकर शौचालय बनवाना चाहते हैं तो इसकी वजह भी खास है...

- देश में अब भी 15 करोड़ 70 लाख लोगों के पास शौचालय नहीं है - यानी बांग्लादेश की आबादी के बराबर भारत में लोग बिना टॉयलेट के रहने को मजबूर हैं - सरकार का लक्ष्य 2019 तक देश में 11 करोड़ 70 लाख शौचालय बनवाने का हैं, जिसमें अब तक 60 फीसदी ही लक्ष्य पूरा हो पाया है - बिहार में तो अभी शौचालय बनने का काम 40 फीसदी से कम हुआ है - मध्य प्रदेश में 92 फीसदी गांवों में शौचालय पूरी तरह नहीं बन पाया है - देश में सिर्फ उत्तराखंड, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और केरल अपना लक्ष्य पूरा कर पाए हैं

यह भी पढ़ें :  पंजाब : हैरान कर देने वाली शादी, दुल्हन ने सिर पर सेहरा बांधा और दूल्हे के हाथ...

ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुखिया नरेंद्र सिंह तोमर कहते हैं कि ये एक कुरीति है

इसीलिए देश में स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर गांव को शौचालय बनाने की मुहिम संभाल रहे ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुखिया नरेंद्र सिंह तोमर कहते हैं कि ये एक कुरीति है, जिस हर हाल में खत्म करना है. हालांकि महाराष्ट्र के नासिक में लोग खुले में शौच करने से बाज नहीं आए तो प्रशासन ने मारना पीटना, ज़लील करना शुरु नहीं किया.

मग को जब्त करके उसपर उनका नाम लिखकर टांग दिया गया

यहां एक अनोखी मुहिम शुरू की है. खुले में टॉयलेट करने वालों की बाल्टी, मग को जब्त करके उसपर उनका नाम लिखकर टांग दिया गया. इलाके के बीडीओ रत्नाकर पगार इस बारे में जानकारी भी दी. यानी बिना कानून का खौफ दिखाए, बिना जेल भेजे भी जागरुकता हो सकती है.

ऐसे घरों के लड़कों का निकाह नहीं कराएंगे जिनके घरों में शौचालय नहीं

हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के मौलवियों और मुफ्तियों ने फैसला किया है कि वे ऐसे घरों के लड़कों का निकाह नहीं कराएंगे जिनके घरों में शौचालय नहीं हैं. इसीलिए आज एबीपी न्यूज़ की राय है कि अगर एक अच्छी पहल देश में मोदी सरकार की तरफ से की गई है तो उसे पूरा करने के लिए सिस्टम को अपनी तरफ से सकारात्मक कोशिश करनी होगी.