ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है. टीएमसी विधायक मदन मित्रा ने ऋतब्रता बनर्जी की अगुवाई वाले टीएमसी के बागी गुट को ज्वाइन कर लिया. मदन मित्रा ने इस फैसले के पीछे टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को वजह बताया है. उन्होंने कहा, ममता बनर्जी सबकी लीडर थीं और हैं, उनका फोटो मेरे दिल में है.'टीएमसी विधायक ने कहा, 'बड़े दुख की बात है कि बंगाल का जब इतिहास लिखा जाएगा तो यह दर्ज किया जाएगा कि एक आदमी (अभिषेक बनर्जी) के लिए पूरी पार्टी, जिसको 213 सीटें मिली थीं, उसका सत्यानाश कर दिया.'
मदन मित्रा ने कहा, हमने अभिषेक बनर्जी से कहा था कि आप कुछ दिन के लिए छोड़ दिए,हम लोगों को पार्टी बनाने दीजिए और उसके बाद आकर अपनी सीट ले लीजिए, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया. उन्होंने कहा हम पार्टी नहीं छोड़ेंगे. पार्टी डूब रही है फिर भी पार्टी ने फैसला किया या यूं कहें कि उसे यह स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा कि बाकी सब मर सकते हैं, लेकिन अभिषेक को बचाना जरूरी था. यह बेहद दुखद है.'
'मैंने टीएमसी से जुड़ी हर चीज छोड़ दी'
उन्होंने आगे कहा, ममता बनर्जी से मेरी हाथ जोड़कर अपील है कि आइए इसे एक मैराथन की तरह देखें. रास्ते में हम जरूर मिलेंगे. देखते हैं कौन सा घोड़ा आगे निकलता है. मैंने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि मैं विधायक बना रहूंगा. मैंने तृणमूल से जुड़ी हर चीज छोड़ दी है. मैंने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि मैं विधायक बना रहूंगा. मैंने तृणमूल से जुड़ी हर चीज छोड़ दी है. इसका मतलब है कि मैं अब व्यावहारिक रूप से तृणमूल विधायक नहीं हूं'
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ममता बनर्जी को बैक-टू-बैक झटके लग रहे हैं. पार्टी विधायकों के एक गुट के अलग होने के साथ-साथ कई सांसदों ने भी बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री से दूरियां बना लीं. टीएमसी के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेख रॉय और प्रकाश बारिक बीजेपी में शामिल हो गए थे, जिनको बीजेपी ने राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है.
