नई दिल्ली: रेलवे ने शुक्रवार को कहा कि उसकी सभी यात्री रेल सेवाएं 17 मई तक स्थगित रहेंगी. इस दौरान हालांकि बंद के कारण फंसे प्रवासियों और अन्य लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा.
रेलवे ने एक बयान में कहा, “कोविड-19 के मद्देनजर उठाए गए कदमों को जारी रखते हुए यह फैसला लिया गया है कि भारतीय रेलवे की सभी यात्री ट्रेन सेवाओं का संचालन 17 मई 2020 तक रद्द रहेगा. हालांकि, विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए प्रवासी कामगारों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों की आवाजाही ‘श्रमिक विशेष ट्रेन’ के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी जैसा की राज्य सरकारों की जरूरत हो। इस दौरान गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा.”इसमें कहा गया कि मालगाड़ियों का संचालन अभी की तरह जारी रहेगा.
फंसे प्रवासी कामगारों, छात्रों के लिए छह ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेनें
रेलवे ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर 25 मार्च से देश भर में लागू लॉकडाउन के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे प्रवासी श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों की वापसी के लिए शुक्रवार को विशेष ‘श्रमिक ट्रेनें’ शुरू की है.
पहली ऐसी ट्रेन शुक्रवार को सुबह चार बज कर करीब 50 मिनट पर हैदराबाद से झारखंड के लिए रवाना हुयी जिसमें 1,200 यात्री हैं. अन्य पांच ट्रेनों में नासिक से लखनऊ (रात 9:30 बजे), अलुवा से भुवनेश्वर (शाह छह बजे), नासिक से भोपाल (रात में आठ बजे), जयपुर से पटना (रात में दस बजे) और कोटा से हटिया (रात में नौ बजे) ट्रेन शामिल हैं.
रेलवे ने कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, यह फैसला किया गया है कि लॉकडाउन के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे प्रवासी श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों के लिए शुक्रवार को मजदूर दिवस से ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेनें चलायी जाएंगी.
रेलवे ने कहा कि ये विशेष ट्रेनें दो स्थानों के बीच और दोनों राज्य सरकारों के अनुरोध पर चलेंगी और इसमें फंसे हुए लोगों को भेजने और पहुंचाने से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा. इन ट्रेनों के संबंध में समन्वय के लिए रेलवे और राज्य सरकारों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा.
छात्रों को पहचान पत्र रखना जरूरी
राजस्थान के कोटा में अधिकारियों ने निर्देश जारी कर छात्रों से कहा है कि उन्हें अपना पहचान पत्र साथ रखने की जरूरत है. जो छात्र पहले आएंगे, उन्हें सीट पहले मिलेगी. यात्रा के लिए जिला मजिस्ट्रेट की मंजूरी के संदेश को वैध टिकट माना जाएगा. सामाजिक दूरी का पालन करते हुए हर ट्रेन में 1000 से 1200 यात्री होंगे.
राजस्थान में फंसे झारखंड के सभी 24 राज्यों के छात्रों को कोटा और जयपुर से चलने वाली ट्रेनों में जगह दी जाएगी. ऐसे छात्रों से कहा गया है कि वे शाम छह बजे से स्टेशन पहुंचने लगें.
जांच के बाद यात्रा की अनुमति
रेलवे द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, यात्रियों के रवाना होने से पहले राज्यों द्वारा उनकी जांच की जाएगी और जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण नहीं होंगे, उन्हें ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी.
राज्यों से किराया वसूलेगा रेलवे
कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से लॉकडाउन के दौरान फंसे हुए प्रवासी कामगारों को ले जाने के लिये रेलवे राज्यों से किराया वसूलेगा. इस बात की जानकारी रेलवे के एक अधिकारी ने दी है.
