श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकवादियों ने सीआरपीएफ के जवान की उनके घर में घुस कर रविवार को गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नसीर अहमद राथर केंद्रीय रिजर्व पुलिस पुलिस बल (सीआरपीएफ) के स्थानीय कांस्टेबल थे. दक्षिण कश्मीर के पुलवामा के नैरा इलाके में अज्ञात आतंकी उनके घर में घुसे और उन्हें गोली मार दी. हमले के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका.

नसीर अहमद के हमलावरों को लेकर अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है. आतंकियों की तलाश के लिए पूरे इलाके को खाली करा लिया गया है. सेना के एक अधिकारी ने बताया कि इलाके की घेराबंदी कर ली गई है और हमलावरों की तलाश जारी है. इस मामले में केस दर्ज कर लिया है. उन्होंने बताया कि राथर गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.

दो महीने में चार जवानों की हत्या आतंकियों ने पिछले दो महीने में चार जवानों को अगवा कर उन्हें मार दिया. पहले 6 जुलाई को आतंकियों ने शोपियां में पुलिस का जवान जावेद अहमद डार को अगवा कर हत्या कर दी. कांस्टेबल जावेद एसएसपी के साथ तैनात थे और अपनी मां के इलाज के लिए घर आए थे. जावेद अहमद डार का शव कुलगाम से मिला था. सेना के राइफलमैन औरंगजेब की भी शहादत याद होगी आपको. 14 जून की शाम को औरंगजेब का गोलियों से छलनी शव पुलवामा जिले के गुस्सु गांव में बरामद हुआ था.

ईद की छुट्टियां मनाने घर जा रहे औरंगजेब को भी रास्ते से अगवा कर बुरी तरह टार्चर किया गया, वीडियो कैमरे पर उसका कबूलनामा बनाया गया था. 44 राष्ट्रीय रायफल का जवान औरंगजेब सेना की उस टीम का हिस्सा थे, जिसने हिजबुल के कमांडर समीर टाइगर को ढेर कर दिया था. यही नहीं, जैश-ए- मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के भतीजे महमूद भाई को जिस सेना की टीम ने मारा था, औरंगजेब उस टीम का भी हिस्सा रहे थे. इसी का बदला लेने के लिए आतंकियों ने औरंगजेब को निशाना बनाया था.