जमीन के बदले नौकरी मामले में लालू यादव को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की FIR रद्द करने से किया इनकार
लालू प्रसाद यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें हाईकोर्ट ने उन्हें झटका देते हुए मामले में सीबीआई की एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया था.

जमीन के बदले नौकरी मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और उससे जुड़ी कार्यवाही पर पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने सोमवार (13 अप्रैल, 2026) को लालू यादव से कहा कि वह बिना वैधानिक मंजूरी लिए सीबीआई की तरफ से जांच करने से जुड़ी अपनी आपत्ति को मुकदमे के दौरान उठाएं. सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे के दौरान उन्हें ट्रायल कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी है.
लालू प्रसाद यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी. हाईकोर्ट ने लालू को झटका देते हुए मामले में सीबीआई की एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया था. साथ ही, तीनों आरोपपत्रों और उन पर निचली अदालत के संज्ञान को भी सही ठहराया था.
जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच उस याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें लालू यादव ने जमीन के बदले नौकरी मामले में उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दर्ज करप्शन केस को रद्द करने की मांग की है. यह मामला साल 2004 से 2009 के बीच रेलवे भर्तियों में हुई धोखाधड़ी से जुड़ा है. इस दौरान लालू यादव केंद्र में रेलवे मंत्री थे.
दिल्ली की राउज एवेन्यू की स्पेशल कोर्ट ने जनवरी, 2026 में लालू यादव समेत मामले के अन्य आरोपियों को लेकर सख्त टिप्पणी की थी और उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए थे. कोर्ट ने कहा था कि जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में लाल यादव, उनके परिवार के आरोपी सदस्यों और बाकी आरोपियों ने एख क्रिमिनल एंटरप्राइज की तरह काम किया. जमीन के बदले नौकरी घोटाले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने 41 आरोपियों पर आरोप तय किए थे.
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Source: IOCL


























