लद्दाख के नुब्रा इलाके में राफ्टिंग और दूसरी वॉटर एडवेंचर गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है. नुब्रा सब-डिविजनल प्रशासन ने 5 सितंबर से अगले आदेश तक राफ्टिंग, कायाकिंग, जिप-लाइनिंग समेत पानी से जुड़ी एडवेंचर एक्टिविटीज बंद करने का आदेश जारी किया है.
यह फैसला 4 सितंबर को श्योक नदी में हुए एक हादसे के बाद लिया गया. बताया गया कि एक कमर्शियल राफ्टिंग ट्रिप के दौरान तेज बहाव वाले हिस्से में राफ्ट पलट गई. इसमें सवार पर्यटक नदी के ठंडे और तेज बहाव वाले पानी में गिर गए. हादसे में एक पर्यटक की मौत हो गई, जबकि बाकी लोगों को बचा लिया गया.
तेज धारा में पलटी राफ्ट, एक पर्यटक की मौत
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, पर्यटकों का एक समूह श्योक नदी के लोकप्रिय राफ्टिंग रूट पर गया था. इसी दौरान राफ्ट नदी के तेज बहाव वाले हिस्से में पहुंची और अचानक पलट गई. राफ्ट में मौजूद लोग पानी में गिर गए. पर्यटकों ने लाइफ जैकेट समेत जरूरी सुरक्षा उपकरण पहने हुए थे. इसके बावजूद एक पर्यटक तेज अंडरकरंट में फंस गया. बचाव दल ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. हादसे के बाद राफ्टिंग गाइड, स्थानीय लोग और रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बाकी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. मृत पर्यटक की पहचान, उम्र और उसके गृह राज्य जैसी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. स्थानीय स्तर पर उसके हाई-प्रोफाइल होने की बात कही जा रही है, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है.
सुरक्षा जांच के बाद ही दोबारा शुरू होंगी गतिविधियां
प्रशासन के आदेश के मुताबिक, श्योक और नुब्रा नदी में वॉटर स्पोर्ट्स को फिलहाल पूरी तरह रोक दिया गया है. दोबारा अनुमति देने से पहले एडवेंचर टूरिज्म एजेंसियों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाएगी. ऑपरेटरों को प्रशिक्षित और प्रमाणित गाइड रखने, आपात स्थिति में बचाव के लिए तय प्रक्रिया तैयार रखने और संचार की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है. ऊंचाई वाले इलाकों की ग्लेशियर नदियों के लिए उपयुक्त सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की जाएगी. लद्दाख प्रशासन पहले भी नुब्रा में बाढ़ और बढ़ते जलस्तर जैसी आपदाओं को देखते हुए विभागों को तैयार रहने और पर्यटकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दे चुका है.
हुंडर और डिस्किट घूमने वाले पर्यटकों के लिए क्या बदला?
वॉटर स्पोर्ट्स पर रोक का असर नुब्रा घाटी के उन इलाकों पर पड़ा है जहां पर्यटक नदी आधारित गतिविधियों के लिए जाते हैं. हुंडर, डिस्किट और सुमुर के आसपास की पानी से जुड़ी एडवेंचर गतिविधियां फिलहाल बंद रहेंगी. हालांकि, नुब्रा की दूसरी सामान्य पर्यटन गतिविधियों पर इस आदेश का सीधा असर नहीं बताया गया है. हुंडर के सैंड ड्यून्स में दो कूबड़ वाले बैक्ट्रियन ऊंटों की सवारी और डिस्किट मठ जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए आकर्षण बने रहेंगे.
श्योक नदी में सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
श्योक नदी का पानी ग्लेशियरों से आने के कारण कई जगह बेहद तेज और ठंडा होता है. ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम और पानी के बहाव में अचानक बदलाव भी चुनौती बढ़ा सकता है. ऐसे में राफ्टिंग जैसी गतिविधियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है.
