तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कोंडा परिवार के बीच राजनीतिक विवाद गहरा गया है. कांग्रेस सांसद और प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष मल्लू रवि ने आबकारी एवं वन मंत्री कोंडा सुरेखा को नोटिस भेजा है. यह नोटिस उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता के मुख्यमंत्री और परकल के विधायक रेवूरी प्रकाश रेड्डी के खिलाफ दिए गए बयानों के बाद जारी किया गया है. सुष्मिता के इन बयानों से सत्ताधारी पार्टी के भीतर की दरार और खुलकर सामने आ गई है.

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हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मौजूदा विधायक रेवूरी प्रकाश रेड्डी का समर्थन किया और जनता से अगले चुनाव में भी उन्हें जिताने की अपील की.  कोंडा परिवार अपनी बेटी सुष्मिता को परकल सीट से अगले चुनाव के दावेदार के रूप में देख रहा था. मुख्यमंत्री के इस ऐलान से उनका गुट नाराज हो गया.

सुष्मिता ने दी चुनौतीसुष्मिता ने मुख्यमंत्री के रुख का विरोध करते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो वह परकल से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी चुनाव लड़ने को तैयार हैं. उन्होंने इतनी जल्दी उम्मीदवार तय करने के फैसले पर भी सवाल उठाए. सुष्मिता ने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर पिछड़े वर्ग के नेताओं को किनारे किया जा रहा है. उन्होंने मुख्यमंत्री और उनके करीबियों पर कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए.

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मुख्यमंत्री पर साधा निशानाहाल ही में सुष्मिता ने अपना जन्मदिन मनाया है. उन्होंने तलवार से केक काटा इसके साथ ही एक बार फिर राजनीतिक घोषणा भी की. उन्होंने कहा- वो पारकल से चुनाव लड़ेंगी और एमएलए बनेंगी. उन्होंने कहा, ''रेवंत... अगर तुमने मुझे चुनौती दी, तो मैं तुम्हारे सभी भाइयों के घोटालों का पर्दाफाश कर दूंगी. आज मैंने सिर्फ तुम्हारे छोटे भाई के 200 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले की बात की है. अगर तुमने मुझे जवाब दिया, तो मैं तुम्हारे सभी घोटालों को उजागर कर दूंगी. यह कहना ही हास्यास्पद है कि तुम 80 साल के उस व्यक्ति को MLA का टिकट दोगे, जो बिना डायपर के चल भी नहीं सकता.''

विपक्ष ने दी प्रतिक्रिया BRS प्रवक्ता कृष्णक ने कहा, ''इससे न केवल तेलंगाना में कांग्रेस सरकार और पार्टी के भीतर दरार का पता चलता है, बल्कि यह मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के सबसे बड़े रूप को भी साबित करता है... राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी को तेलंगाना की जनता को जवाब देना चाहिए.'' 

वकील और बीजेपी नेता करुणासागर ने कहा,  "कांग्रेस भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई है. तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को सबसे पहले इस्तीफा देना चाहिए, आरोपों की जांच करानी चाहिए और बेदाग साबित होना चाहिए. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर लगे ये आरोप बहुत गंभीर हैं कि उन्होंने एक शेल कंपनी के जरिए अपने परिवार को 200 करोड़ की जमीन दिलाने में मदद की. इन्हें महज राजनीतिक झगड़ा कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. हैरानी की बात यह है कि ये आरोप उन्हीं के खेमे से आए हैं. उनके ही कैबिनेट मंत्री की बेटी ने ये आरोप लगाए हैं और साथ ही कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं.''

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