कर्नाटक के कोडागु जिले के घने जंगलों से राहत भरी खबर सामने आई है. केरल की 36 वर्षीय टेक प्रोफेशनल शरण्या, जो तीन दिन से लापता थीं, आखिरकार जिंदा मिल गई हैं. इस रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासन, स्थानीय लोगों और जनजातीय समुदाय की बड़ी भूमिका रही.

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जानकारी के मुताबिक, शरण्या गुरुवार सुबह ताडियानडामोल हिल पर सोलो ट्रेक के लिए निकली थीं. लेकिन चढ़ाई के दौरान वह रास्ता भटक गईं और अपने समूह से अलग हो गईं. वन विभाग ने उन्हें 15 सदस्यीय समूह के साथ ट्रेक के लिए भेजा था, लेकिन इसी दौरान वह टीम से बिछड़ गईं.

स्थानीय जनजाति ने ढूंढ निकालाकई घंटों की तलाश के बाद भी जब शरण्या का कोई पता नहीं चला तो बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. आखिरकार स्थानीय कूडिया जनजाति के लोगों ने, जो जंगल के भूगोल को अच्छी तरह जानते हैं, शरण्या को खोज निकाला. इसके बाद उन्होंने तुरंत अधिकारियों को इसकी जानकारी दी.

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9 टीमों ने चलाया सर्च ऑपरेशनकर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खंडरे ने बताया कि इस मुश्किल इलाके में कुल 9 टीमों को तैनात किया गया था. इन टीमों में वन विभाग, पुलिस, एंटी-नक्सल फोर्स और स्थानीय ग्रामीण शामिल थे. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी इस ऑपरेशन को पूरा सहयोग देने के निर्देश दिए थे.

केसी वेणुगोपाल के हस्तक्षेप के बाद तेज हुई कार्रवाईवन मंत्री ने बताया कि कांग्रेस नेता के. सी. वेणुगोपाल के हस्तक्षेप के बाद सर्च ऑपरेशन को और तेज किया गया. इसके बाद सभी जरूरी संसाधनों को तुरंत जुटाया गया, जिससे रेस्क्यू मिशन में तेजी आई.

हिम्मत की सराहनाशरण्या के सुरक्षित मिलने पर मंत्री ने उनकी हिम्मत की सराहना की. उन्होंने कहा कि इतने कठिन हालात में तीन दिन तक जिंदा रहना उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाता है. स्थानीय विधायक ए. एस. पोनन्ना ने शरण्या से मुलाकात की. उन्होंने इस रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल सभी एजेंसियों और ग्रामीणों का आभार जताया.