- इस पूरे घटना की शुरुआत तब हुई जब आरजेडी प्रमुख लालू यादव के बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर कथित होटल घोटाले का आरोप लगा. जिसके बाद बीजेपी लगातार नीतीश कुमार से तेजस्वी के इस्तीफे की मांग कर रही थी.
- तेजस्वी के इस्तीफे की मांग जेडीयू की तरफ से भी हुई. इस मुद्दे पर आरजेडी औऱ जेडीयू के के बीच तकरार बढ़ी. तीखी बयानबाजी भी हुई. हाल ही बिहार में कुछ पोस्टरबाजी भी देखने को मिली, जिसमें जेडीयू नेताओं पर बीजेपी से मिलकर गठबंधन को बदनाम करने का आरोप लगाया गया.
- इस तकरार के बीच मामला औऱ बिगड़ी जब नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति के लिए एनडीए के उम्मीदवार का समर्थन किया. तब इशारों में उनके उपर लालू यादव ने भी हमला किया और महागठबंधन तल्खियां बढ़ीं.
- लालू यादव औऱ तेजस्वी यादव इस्तीफा ना देने पर अड़े रहे. यहां तक की तेजस्वी यादव ने अपने पर लगे आरोपों की सफाई भी नहीं दी. कैबिनेट की बैठक के अलावा तेजस्वी नीतीश कुमार के साथ एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भी नहीं शामिल हुए.
- लालू यादव औऱ तेजस्वी यादव के अड़ियल रूख से परेशान नीतीश कुमार ने दिल्ली में राहुल गांधी से भी मुलाकात की थी. लेकिन कांग्रेस भी बीच बचाव कर लालू यादव को इस्तीफे के लिए नहीं तैयार करा पाई.
- बुधवार को आरजेडी के विधायकों की बैठक के बाद लालू यादव ने एक बार फिर दो टूक कहा कि तेजस्वी ना तो इस्तीफा देंगे औऱ ना ही कोई सफाई. ऐसी ही बातें खुद तेजस्वी यादव ने भी कही.
- इससे ये साफ हो गया था कि तेजस्वी यादव अपनी ओऱ से इस्तीफा नहीं देंगे. तेजस्वी को बर्खास्त करना नीतीश कुमार के लिए राजनीतिक तौर पर फायदेमंद नहीं रहता. क्योंकि लालू प्रसाद यादव विक्टिम कार्ड खेलकर इसका राजनीतिक फायदा उठाते. नीतीश कुमार के सामने ऐसे में औऱ कोई रास्ता नहीं रह गया था.
- नीतीश कुमार की अपनी बेदाग छवि रही है. भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद लगातार उनकी छवि को लेकर सवाल उठने लगे थे कि वो अपने कैबिनेट में ऐसे डिप्टी सीएम को रखे हैं जिसपर घोटाले का आरोप लगा है. ऐसे में नीतीश कुमार को चुनाव अपनी छवि औऱ महागठबंधन सरकार की अगुवाई के बीच करना था.
- बिहार में सुशासन के नारे पर जीतने वाले नीतीश कुमार के लिए ऐसे माहौल में अनुशासन के साथ सरकार चलाना मुश्किल था. क्योंकि उनका अपना उप मुख्यमंत्री ही उनके अनुशासन की धज्जी उड़ा रहा था.
- सबसे अहम वजह ये कि नीतीश कुमार राजनीतिक तौर पर अपनी उस छवि को बनाए रखना चाहते थे कि वो सिद्धांतों के आगे पद की परवाह नहीं करते. वो पहले भी ऐसा कर चुके हैं और एक बार फिर इस्तीफा देकर उन्होंने अपनी ये छवि बनाए रखी कि नीतीश कुमार अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करते.
जानें नीतीश कुमार के इस्तीफे के पीछे की दस बड़ी वजहें
एबीपी न्यूज़ | 26 Jul 2017 07:42 PM (IST)
सबसे अहम वजह ये कि नीतीश कुमार राजनीतिक तौर पर अपनी उस छवि को बनाए रखना चाहते थे कि वो सिद्धांतों के आगे पद की परवाह नहीं करते. वो पहले भी ऐसा कर चुके हैं औऱ एक बार फिर इस्तीफा देकर उन्होंने अपनी ये छवि बनाए रखी कि नीतीश कुमार अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करते.
नई दिल्ली: बिहार की राजनीति पिछले कुछ दिनों से गरमायी हुई थी. सियासी पारा तब और ज्यादा चढ़ गया जब ये खबर आई की नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. बिहार में महागठंबधन की सरकार भले ही चल रही थी, लेकिन उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद से आरजेडी और जेडीयू के बीच का गणित ठीक नहीं चल रहा था. माना जा रहा है कि नीतीश का इस्तीफा तेजस्वी यादव प्रक्ररण को लेकर ही है. आइए जानते हैं कि नीतीश कुमार के इस्तीफे की दस बड़ी वजह;